रांची: झारखंड के विभिन्न सामाजिक धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि मंडलों की टीम ने आदिवासी धर्म कॉलम की मांग को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन झारखंड सरकार से मुलाकात की एवं इस संदर्भ में गहन चर्चा करते हुए प्रतिनिधियों ने कहा कि झारखंड सरकार से इसकी अनुशंसा कर इस सत्र में इस बिल को विधान सभा से पारित करते हुए केंद्र सरकार को भेजने का काम करें ताकि देश के आदिवासियों की धर्म, संस्कृति, सभ्यता एवं परम्परा सुरक्षित रहे.
उनकी जल, जंगल, जमीन और अस्मिता एवं पहचान बची रहे, साथ ही वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव झारखंड सरकार से भी पूरी टीम ने मुलाकात कर ज्ञापन दिया एवं इस पर विशेष रूप से चर्चा करते हुए कहा कि पिछले कई वर्षों से इस मांग को लेकर कई राज्यों से आवाजें उठ रही है एवं वर्ष 2021 का जनगणना प्रपत्र में आदिवासियों के अलग पृथक धर्म कॉलम एवं एक सूत्री मांगों को झारखंड सरकार पूर्ण करते हुए केंद्र से इस बिल को पारित कराने में बाध्य करें.
साथ ही विधायक महोदय स्टीफन मरांडी, लोबिन हेंब्रम, बैजनाथ राम झिरगा, सुशासन मुंडा, भूषण तिर्की रणधीर सिंह, भानु प्रताप शाही, आनंद कुमार ओझा, अपर्णा सेनगुप्ता, डॉ नीरा यादव, बंधु तिर्की, प्रदीप यादव सहित सभी विधायकों मंत्रियों ने इसमें पूर्ण रूप से सहमति प्रदान की एवं संगठनों को आश्वस्त किया है कि सदन में इस मुद्दे पर चर्चा करते हुए इस बिल पर अग्रसर कार्रवाई करेंगे.
इस क्रम में मुख्य रूप से अरविंद उरांव, निरंजना, हेरेंज टोप्पो, अजय टोप्पो, हलध,र चंदन पाहन, मुन्ना टोप्पो, विमल उरांव, राहुल उरांव, गीता लकड़ा, सुनील मुंडा, एंजेला टूडु, सहित जय आदिवासी केंद्रीय परिषद राष्ट्रीय आदिवासी इंडीजीनस धर्म समन्वय समिति, आदिवासी छात्र मोर्चा, एचएससी विस्थापित मोर्चा, एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि गणों की मुख्य भूमिका रही.

