रांची: झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ के केंद्रीय अध्यक्ष अजय राय ने झारखंड उर्जा विकास निगम के अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक अविनाश कुमार से मिलकर राज्य के सभी विद्युत आपूर्ति क्षेत्र एवं ट्रांसमिशन जोन से संबंधित कर्मियों की समस्याओं से अवगत कराया एवं उन्हें ज्ञापन सौंपा .
ज्ञापन पर चर्चा के उपरांत के उपरांत सीएमडी अविनाश कुमार ने आश्वस्त करते हुए कहा कि जल्द ही इन समस्याओं का समाधान कर लिया जाएगा साथ ही इसकी प्रक्रिया भी शुरू कर भी दी गई है.
उन्होंने श्रमिक संघ के अध्यक्ष को यह भी आश्वस्त करते हुए कहा कि आप लोगों को हड़ताल या आंदोलन या आंदोलन करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी आपकी हर बुनियादी समस्याओं का निराकरण जल्द होगा.
अजय राय ने ने राज्य के सभी सभी विद्युत आपूर्ति क्षेत्र एवं ट्रांसमिशन जोन में काम करने वाले वाले में काम करने वाले कर्मियों से आग्रह किया है कि तत्काल कोई आंदोलन या हड़ताल पर जाना उचित नहीं है सीएमडी अविनाश कुमार के आश्वासन को देखते हुए हम सब कुछ दिन के लिए अपने आंदोलन और हड़ताल को टालेंगे इसमे कल 5 फरवरी से हजारीबाग,चतरा, विधुत आपूर्ति क्षेत्र में होनेवाली हड़ताल भी शामिल है जिसे तत्काल स्थगित किया जाता है .
अजय राय ने बताया कि पिछले 12 जनवरी को कार्यकारी निदेशक o&m के.के वर्मा द्वारा निगम के निर्णायक मंडल के विरुद्ध निकाले गए पत्र को भी सी एम.डी के समक्ष रखा गया और कहा कि इस तरह के पत्र से भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है वहीं इसकी आड़ में तथाकथित यूनियन के लोग वसूली में लगे हुए हैं जिसकी जांच होना जरूरी है .
झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ की ओर सौंपा गया ज्ञापन
सेवा में,
अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक
झारखंड ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड
धुर्वा
रांची 4
विषय: राज्य के सभी एरिया बोर्ड और ट्रांसमिशन जोन में लंबित वेतनमान ,एरियर, अवधि विस्तार के संबंध में.
महाशय,
झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ आपको अवगत कराते हुए कहना चाहता है कि झारखंड ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड द्वारा वर्ष 2017 में मानव दिवस की प्रथा समाप्त कर आउट सोर्स एजेंसी की प्रथा शुरू की गई .तब से लेकर वर्ष 20- 20 तक लगभग राज्य के सभी एरिया बोर्ड में कर्मचारियों के हालात बद से बदतर होते चले गए . अपनी जान जोखिम में डालकर एक कर्मचारी लगातार अपनी सेवा निगम को देते आ रहे हैं मगर इन्हें उसका मेहनताना सही तरीके से नहीं मिल पा रहा है .इसी बीच दर्जनों कर्मचारियों की मौत काम के दौरान हुई है जिसकी सूची भी शीघ्र संघ द्वारा आपको उपलब्ध कराई जाएगी ताकि एजेंसी के साथ निगम की ओर से किया गया एग्रीमेंट का लाभ पीड़ित परिवार को मिल सके.
वर्तमान में झारखंड के सभी सप्लाई एरिया बोर्ड और ट्रांसमिशन जोन में कर्मचारियों को तीन माह से लेकर सात माह तक का वेतन ,ईपीएफ, ईएसआइ लंबित है वही ट्रांसमिशन जोन में अवधि विस्तार नही होने से कर्मचारियों को वेतन भी नहीं मिल पा रहा है ( सभी एरिया बोर्ड ट्रांसमिशन जोन की सूची निचे दी जा रही है) वर्तमान में कही कोई घटना दुर्घटना होने पर जवाबदेही किसकी होगी? यह भी गंभीर मामला है.
2017 से 2020 तक राज्य सरकार के श्रम विभाग द्वारा मंहगाई भत्ता और दर में बढ़ोतरी की गई मगर अभी तक उसका बढ़ा हुआ एरियर का भुगतान भी विभाग की ओर से नही की गई जबकि इस मुद्दे को लेकर संघ की ओर से कई पत्र और आंदोलन के माध्यम से भी ध्यान आकर्षित कराया गया है .
महाशय वर्तमान में 12 जनवरी 20 21 को कार्यकारी निदेशक (ओ एंड एम ) श्री के.के वर्मा द्वारा ऊर्जा निगम के निर्णायक मंडल द्वारा पारित नियम के विरुद्ध एक पत्र निकाला गया है जिसमे राजस्व संग्रह के लिए मानव दिवस कर्मियों को रखने को लेकर सभी एरिया बोर्ड के पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है और उसमें झारखंड विद्युत सप्लाई श्रमिक संघ को प्राथमिकता देते हुए सहयोग लेने की बात कही गई है.
महोदय राजस्व संग्रह जैसे काम के लिए बिना किसी अनुबंध और करार के कहीं से कोई भी नए आदमी को लेकर काम लिया जाना कहां तक सही होगा यह अपने आप में सोचनीय प्रश्न है ? उन मानव दिवस कर्मियों को कौन ईपीएफ व ईएसआइ की सुविधा देगा जो श्रम कानून के अन्दर आता है .
श्री वर्मा के इस पत्र इस पत्र पत्र से कर्मचारियों में उहापोह की इस्थिति उत्पन्न हो गई है जो जांच का विषय है.
राजस्व संग्रह के काम या आउटसोर्स एजेंसी के संतोषप्रद काम नहीं होने से किसी एरिया बोर्ड या ट्रांसमिशन जोन में में कोई समस्या उत्पन्न हुई हो तो उसके लिए वहां के जिम्मेवार पदाधिकारी निगम को सूचना देंगे जिसके ऊपर निर्णायक मंडल को निर्णय लेना होता है मगर इन सभी को शिथिल कर सीधा पत्र निर्गत किया जाना जांच का विषय है जिसकी जांच होनी चाहिए यह हमारी मांग है.
झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ
निम्न बिंदुओं पर श्रीमान का ध्यान आकृष्ट कर रहा है —–
(1) संचरण जोन 1,2,3,4,5 प्रत्येक जगह पर वर्ष 2020 के अक्टूबर माह के बाद भुगतान बंद है.
(2) जमशेदपुर एरिया बोर्ड में विगत 7 माह से भुगतान नहीं हुआ जहां की संचरण एवं वितरण कंपनी में गीतराज कंपनी अपना कार्य संपादन कर रही है.
(3) हजारीबाग एरिया बोर्ड में टॉप्स ग्रुप एवं कंपनी जो कि वर्ष 2017 में आई थी 8 माह का वेतन, ई.पी.एफ का भुगतान नहीं किया है वही वर्तमान कार्यरत कंपनी गीतराज द्वारा 3 माह का इपीएफ एवं मासिक भुगतान का नही किया गया है.
(4) गिरिडीह वितरण में विगत 4 माह से भुगतान नही हुवा है
(5) दुमका वितरण में 4 माह का भुगतान नहीं हुवा है.
(6) मेदिनीनगर वितरण में 4 माह का भुगतान नहीं हुवा है.
(7) धनबाद वितरण में 5 माह से भुगतान नहीं हुआ है.
(8) रांची वितरण में 4 माह से भुगतान नही हुवा है .
महोदय इन सभी को देखते हुए आपसे झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ मांग करती है की इन सभी एरिया बोर्ड, ट्रांसमिशन जोन में वेतनमान के साथ-साथ एरियर भुगतान कराया जाए साथ ही आउटसोर्स व्यवस्था खत्म कर पुरानी व्यवस्था लागू कराई जाए जाए जिससे ठेकेदारों को दी जा रही कमीशन जो करोड़ों में जा रही है उससे घाटे में जा रहे निगम को लाभ हो और कर्मियों को भी इस एजेंसी प्रथा से मुक्ति मिले.
साथ ही महोदय आग्रह है कि 12 जनवरी 2021 को निकाले गए पत्र की आड़ में कर्मचारियों को रखवाने के नाम पर तथाकथित यूनियन ठगी का काम सुरु कर दिया है वही काफी संख्या में पूर्व से परमानेंट कराए जाने के नाम पर करोड़ों रुपए की वसूली की गई है जिसका सबूत समय पड़ने पर हम सब आपके समक्ष उपलब्ध कराएंगे यह आस्वस्त करते है . इसलिए आपसे आग्रह होगा कि तत्काल उस पत्र को निरस्त किया जाए जो निर्णायक मंडल के नियम के विरुद्ध निकाला गया है.

