रांची: झारखण्ड प्रदेश कांग्रेस राहत निगरानी समिति ने आज भी कन्ट्रोल रूम के माध्यम से कोरोना वायरस से संघर्ष कर रहे गरीबों, जरूरतमंदों एवं बाहर फंसे छात्रों एवं अप्रवासी मजदूरों को राहत पहुंचाने का काम किया है.
प्रदेश कांग्रेस निगरानी समिति के सदस्य प्रदीप तुलस्यान के नेतृत्व में समिति के सदस्य आलोक कुमार दूबे, लाल किशोरनाथ शाहदेव एवं डॉ0 राजेश गुप्ता छोटू ने राज्य के जिलाध्यक्षों से सम्पर्क स्थापित कर वस्तुस्थिति की जानकारी हासिल की.
राहत निगरानी समिति ने जिलाध्यक्षों एवं कांग्रेसजनों द्वारा किये जा रहे राहत कार्यों की प्रशंसा की है एवं उन्हें धन्यवाद दिया है. कन्ट्रोल रूम के माध्यम से झारखण्ड सरकार के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर कई समस्याओं पर ध्यानाकृष्ट कराते हुए उनके निराकरण का अनुरोध किया है, जिसमें कोरोना लॉकडाउन के कारण सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों एवं व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को भारी क्षति का सामना करना पड़ रहा है. इसलिए उन्हें राहत प्रदान की जानी चाहिए.
लॉकडाउन के दौरान बिजली बिल, पानी बिल, निगम कर एवं अन्य करों पर यथोचित छूट दिया जाना युक्तिसंगत होगा. छोटे व्यवसायियों को क्षतिपूर्ति का भी प्रावधान किया जाना चाहिए. लॉकडाउन के दौरान काम पर नहीं आ पा रहे मजदूरों को अनाज के अतिरिक्त समुचित आर्थिक सहायता की आवश्यकता प्रतीत होती है.
इधर, झारखण्ड राज्य रिंग बोरवेल एसोसिऐशन ने गर्मी को देखते हुए बोरिंग की मशीनों द्वारा पानी से संबंधित सिंचाई एवं पेयजल की आवश्यकतानुसार बोरवेल संबंधित कार्य निष्पादन के लिए किसानों एवं अन्य जरूरतमंदों को सही समय पर पानी की कमी दूर किये जाने के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ0 रामेश्वर उरांव को अनुमति प्रदान करने के लिए मुलाकात किया एवं ज्ञापन दिया.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की अनुपस्थिति में राहत निगरानी समिति ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए उपायुक्त, रांची को पत्र भी लिखा है और सरकार का ध्यान भी इस ओर आकृष्ट कराया है.

