ग्वालियर: कोविड -19 के कारण प्रदेश के बाहर से लौटे प्रवासी श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है. ग्वालियर संभाग के जिलों में लौटे शतप्रतिशत प्रवासी श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा.
प्रवासी श्रमिकों को स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षित करने की व्यवस्था भी की जावेगी. संभागीय आयुक्त श्री एमबी ओझा ने यह निर्देश विभागीय अधिकारियों की बैठक में दिये हैं.
अंतरविभागीय समन्वय समिति की बैठक सोमवार को संभागीय आयुक्त कार्यालय में आयोजित हुई बैठक में कोरोना संक्रमण के कारण अपने घरों को लौटे प्रवासी श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई.
संभागीय आयुक्त ओझा ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाहर से लौटे सभी प्रवासी श्रमिकों का रोजगार सेतु एप पर पंजीयन कराना सुनिश्चित करें. ग्रामीण क्षेत्र में निर्माण कार्यों में प्रवासी श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध हो यह सुनिश्चित किया जाए.
संभागीय आयुक्त श्री ओझा ने ग्वालियर में विभिन्न विभागों के माध्यम से प्रवासी श्रमिकों को स्वरोजगार हेतु प्रशिक्षण दिलाने की व्यवस्था भी करने के निर्देश दिए हैं.
उन्होंने आईटीआई, जिला पंचायत, नगरनिगम एवं रोजगार कार्यालय के माध्यम से प्रवासी श्रमिकों को प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार हेतु सहयोग करने के भी निर्देश दिए हैं.
इसके साथ ही निर्माण विभागों के अधिकारियों को भी निर्देश्ति किया है कि वे अपने अपने विभाग के निर्माण कार्यों में प्रवासी श्रमिकों को मजदूरी के रूप में काम उपलब्ध करायें.
संभागीय आयुक्त ओझा ने उद्योग विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे ग्वालियर एवं ग्वालियर के आस-पास स्थापित उद्योगों में भी प्रवासी श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में सार्थक प्रयास करें.
रोजगार सेतु एप में दर्ज प्रवासी श्रमिकों को स्वयं के रोजगार के लिए भी अगर ऋण की आवश्यकता है तो विभागीय अधिकरी ऋण प्रकरण तैयार कर बैंकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराने की दिशा में कार्यवाही करें.
संभागीय आयुक्त एमबी ओझा ने विभागीय अधिकारियों की बैठक में ऑकाफ माफी के मंदिरों की भी समीक्षा की . उन्होंने कहा है कि ग्वालियर संभाग में जितने भी ऑकाफ माफी के मंदिर है उनसे लगी हुई भूमि पर किसी का भी अतिक्रमण नहीं होना चाहिए.
मंदिर की जमीन पर अगर कहीं अतिक्रमण है तो कलेक्टर के माध्यम से तत्काल अतिक्रमण को हटाने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए. इसके साथ ही ऑकाफ माफी के सभी मंदिरों में पूजारियों की व्यवस्था हो.
किसी मंदिर में अगर पूजारी नियुक्त नहीं है तो जिला प्रशासन की ओर से पूजारी की नियुक्ति की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए.
बैठक में संभागीय उपायुक्त राजस्व आरपी भारती, संयुक्त आयुक्त विकास रामकुमार शर्मा, संभागीय समन्वयक विशाल सिंह तोमर , माफी अधिकारी मनीषा कोल सहित संभाग स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे.

