ज्योत्सना
खूंटी : करम-पर्व प्रत्येक वर्ष भादो महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाया जाने वाला प्रकृति पर्व है. खूंटी जिले के आदिवासी करम पर्व पूरे उत्साह और उल्लास के साथ प्रत्येक वर्ष मनाते आये हैं. करम पर्व आदिवासियों द्वारा मनाया जाने वाला भाई-बहनों के प्रेम पर आधारित प्रकृति का पर्व है. करम पर्व की पूर्व संध्या में आदिवासी अपने गांव टोलों के अखड़ा में जुटते हैं और पारम्परिक आदिवासी नृत्य के साथ करम के गीत गाते हैं.
पूर्व संध्या पर कर्रा प्रखंड के मेहा पंचायत अन्तर्गत कोने स्कूल मैदान में आदिवासी युवासंघ के सौजन्य से करमा मिलन समारोह का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि होरो पड़हा राजा धोचा पहान और विशिष्ट अतिथि बिरसा धान उपस्थित हुए. करमा मिलन समारोह पर कुल 11 मौजा के पहान, मुंडा अपने खोड़हा मंड़ली के ढ़ोल, मांदर के साथ साथ परम्परागत वेशभूषा व सांस्कृतिक पहचान के साथ सभा स्थल पहुंचे.
सभी खोड़हा मंडलियों ने अपने अपने दल के अनुसार आदिवासी रीति रिवाज व सांस्कृतिक पहचान का प्रदर्शन करते हुए करमा नृत्य गान प्रस्तृत किया. कार्यक्रम का संचालन जीता मिंंज ने किया. कार्यक्रम को सफल बनाने में ग्राम प्रधान अजय खलखो, विकास मुंडा, हरिष मुंडा, चेड़गा उरांव, मंगरा मुंडा, राजू मुंंडा, सोमरा पहान, रेला कच्छप, टुलसू पहान के अलावे अन्य ग्रामीणों की मुख्य भूमिका रही.

