पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था बुरी तरह से लड़खड़ा गई है. कर्ज के बोझ से कंगाली की दहलीज पर खड़े पाकिस्तान के लिए महंगाई, बेरोजगारी, बिजली, पानी और सड़क जैसी बुनियादी चीजों की बहुत दिक्कत है. पड़ोसी मुल्क के लोग दूध के लिए भी तरस रहे हैं. महुर्रम के दिन पाकिस्तान में दूध का दाम पेट्रोल से भी ज्यादा था. कराची और सिंध में एक लीटर दूध 140 रुपये तक बिका.
हिन्दुस्तान टाइम्स में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, महुर्रम के दिन कराची में एक लीटर दूध का दाम 120 से 140 रुपये था. वहीं सिंध के कुछ इलाकों में भी दूध 140 रुपये में बिका.
दूध से सस्ता है पेट्रोल और डीजल
दूध के दाम से लोग कितने परेशान हैं, इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वहां पेट्रोल और डीजल भी दूध से सस्ता है. महुर्रम के दिन पाकिस्तान में एक लीटर पेट्रोल 113 रुपये का था. वहीं एक लीटर डीजल के लिए लोग 91 रुपये चुका रहे थे. इस संदर्भ में दुकानकारों का कहना है कि दूध की मांग बढ़ने के कारण दाम में वृद्धि हुई.
खुदरा महंगाई नौ फीसदी के करीब
मई 2019 में पाकिस्तान में खुदरा महंगाई नौ फीसदी के करीब थी. इसके अभी और बढ़ने की आशंका है. लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था से जरूरी चीजों की कीमतें बढ़ गई है. ना सिर्फ दूध, बल्कि पाकिस्तान में आलू और टमाटर जैसी अन्य कई सब्जियों के दामों ने आसमान छू लिया है. सच तो यह है कि पाक सरकार अवाम को आर्थिक सुरक्षा प्रदान नहीं कर पाई. आज भी चार करोड़ से अधिक लोग बेरोजगार हैं. इस बेकारी के कारण युवा दहशतगर्दी का दामन थाम रहे हैं.

