रांची: पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने गुरुवार संध्या 5.30 बजे राँची के बिरसा मुंडा हवाई अडडा पहुंचकर अंडमान से हवाई जहाज से लौटे झारखंड के प्रवासी मजदूरों का स्वागत किया. इस मौके पर उन्होंने प्रवासी मजदूरों से बातचीत कर उनका कुशल क्षेम पूछा. हवाईअडडा पर ही सभी प्रवासी श्रमिकों के लिए भोजन के पैकेट तथा पानी की व्यवस्था गई थी.
उन्होंने कहा कि हवाई जहाज से प्रवासी मजदूरों को लाने का सिलसिला हेमंत सरकार में पूर्व में ही शुरू हो चुका है. मुख्यमंत्री द्वारा प्रवासी मजदूरों को वापस लाने के इस अभियान में अब सरकार के साथ निजी कंपनियां भी आगे आ रही हैं. मुख्यमंत्री के अथक प्रयासों से प्रेरणा लेते हुए दिल्ली की कंपनी इन्टरलिंक फूड प्राईवेट लिमिटेड ने सेवाभाव दर्षाते हुए अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में फंसे झारखंड के मजदूरों को वापस लाने के लिए अपना हाथ बढ़ाया है. इसके अलावे राज्य सरकार भी अन्य दुर्गम स्थानों में फंसे हुए प्रवासी मजदूरों को हवाई मार्ग से झारखंड लाने की व्यवस्था निरंतर कर रही है.
पेयजल मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने कहा कि वैसे सभी दुर्गम इलाकों जहां ट्रेन या अन्य परिवहन के साधन मौजूद नहीं है, वहां से प्रवासी मजदूरों को हवाई जहाज से निरंतर वापस झारखंड लाया जा रहा है और जब तक हमारे सभी झारखंडी प्रवासी मजदूर नहीं आ जाते तब तक यह क्रम चलता रहेगा. इस निमित राज्य के अधिकारी लगातार समन्यव बनाकर कार्य कर रहे हैं.
मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने कहा कि हवाई मार्ग से मजदूरों को वापस लाने के लिए सबसे पहले इसकी पहल झारखंड ने ही की थी. मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रवासी मजदूरों को अपनेे राज्य वापस लाने के लिए कटिबद्ध है और लगातार कुछ दिनों के अंतराल पर हवाई जहाज से प्रवासी मजदूरों को झारखंड लाया जा रहा है.
मंत्री ने कहा कि पूर्व में भी हवाई जहाज से प्रवासी मजदूरों को लाया गया है. पिछले कुछ दिनों में विभिन्न स्थानों पर फंसे लाखों प्रवासी मजदूर अपने घर लौट चुके हैं. प्रवासी मजदूरों के आने का क्रम जारी है. अंडमान से दुमका, लोहरदगा, पलामू, गढ़वा, खूंटी, सिमडेगा, धनबाद सहित राज्य के विभिन्न जिलों के 180 प्रवासी श्रमिकों का जत्था लेकर विमान रांची पहुंचा. सभी प्रवासी मजदूरों की स्क्रीनींग करने के बाद उन्हें भोजन का पैकेट, पानी देकर बसों से उनके गंतव्य के लिए भेजा गया.

