नई दिल्ली: शुक्रवार को सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने निजी टीवी चैनलों के लिए एडवाइजरी जारी की है. इसमें कहा गया है कि केबल टेलीविजन नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम, 1995 के तहत किसी भी कार्यक्रम में अर्द्धसत्य या किसी की मानहानि करने वाली सामग्री का प्रसारण नहीं होना चाहिए.
गौरतलब है कि मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने गुरुवार को आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि मुंबई काइम ब्रांच ने एक नए रैकेट का खुलासा किया है. पुलिस टीआरपी में हेरफेर से जुड़े एक घोटाले की जांच कर रही है. उन्होंने कहा था कि मुंबई पुलिस ने तीन चैनलों की पहचान की है.
इनके नाम हैं फक्त मराठी, बॉक्स सिनेमा और रिपब्लिक टीवी, जो कथित रूप से टेलीविजन चैनलों की रेटिंग करने के लिए बार्क (BARC) द्वारा प्रयुक्त तंत्र को विकृत करने में शामिल हैं. उन्होंने कहा कि मामले में दो लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है.
परमबीर सिंह ने कहा कि इस रैकेट का नाम ‘फॉल्स टीआरपी रैकेट’ है. ये रैकेट फॉल्स रैकेट के जरिए करोड़ों रुपये के राजस्व का मुनाफा कमा रहा था. इस मामले में पुलिस कमिश्नर ने सीधे तौर पर रिपब्लिक टीवी को आरोपी मानते हुए कहा कि पैसे देकर रेटिंग बढ़ाई. टीआरपी रैकेट के जरिए पैसा देकर टीआरपी के मैन्युपुलेट किया जाता था. सूचना प्रसारण मंत्रालय और भारत सरकार को रिपब्लिक टीवी की जानकारी दी जाएगी.
शायद इसी बात को ध्यान में रखते हुए सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने शुक्रवार को निजी टीवी चैनलों के लिए एडवाइजरी जारी की है.

