रांची: पेयजल स्वच्छता मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने कहा है कि गर्मी के दिनों में राज्य के किसी भी हिस्से में लोगों को पेयजल संकट का सामना नहीं करना पड़े, इसके लिए विभागीय अधिकारियों और अभियंताओं को विशेष कार्य योजना बनाने का निर्देश दिया गया है.
रांची के रूक्का (गेतलसूद) डैम के ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में पेयजल स्वच्छता मंत्री ने कहा कि रूक्का डैम से पूरी राजधानी को गर्मी के दिनों में भी स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा सकता है.
उन्होंने कहा कि रूक्का से प्रतिदिन सिकिदरी पनबिजली परियोजना के प्रतिदिन जितना पानी छोड़ा जाता है, उससे पूरे एक महीने तक पूरी राजधानी को पेयजल उपलब्ध कराया जा सकता है. उन्होंने कहा कि इस संबंध में वे ऊर्जा मंत्री सह मुख्यमंत्री से भी बात करेंगे कि सिकिदरी पनबिजली परियोजना के लिए जितनी पानी की आपूर्ति की जा रही है, उस अनुपात में बिजली भी नहीं मिल पा रही है, इसलिए सिकिदरी पनबिजली परियोजना के लिए पानी छोड़ने पर पुनर्विचार होगा.
उन्होंने यह भी कहा कि पेयजल स्वच्छता विभाग डैम और पाइप लाइन जलापूर्ति योजना को तैयार करता है, लेकिन वितरण की जिम्मेवारी नगर विकास और नगर निकायों की होती है, लेकिन उनके द्वारा समय पर भुगतान नहीं किये जाने से पुरानी योजनाओं की मरम्मति व रखरखाव तथा नयी योजनाओं को शुरू करने में कठिनाई हो रही है. पेयजल स्वच्छता मंत्री ने कहा कि जिस तरह से डीवीसी की ओर से अल्टीमेटल दिया गया है, उसी तरह से पेयजल स्वच्छता विभाग की ओर से भी नगर विकास विभाग को अल्टीमेटम दिया जाएगा और भुगतान नहीं होने पर अगला कदम उठाया जाएगा.
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पेयजल स्वच्छता मंत्री ने निरीक्षण के क्रम में रख-रखाव और सुरक्षा कार्य में जुटी एजेंसी के कामकाज पर नाराजगी जतायी और अधिकारियों को निर्देश दिया कि फिर से निविदा निकाल कर नयी एजेंसी का चयन किया जाए. उन्होंने रूक्का डैम के आसपास बसे गांवों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए नयी योजना शुरू करने का निर्देश दिया.

