रांची:- झारखंड स्वास्थ्य विभाग से जुड़े राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अधीन कार्यरत राज्य भर के (बीटीटी) प्रखंड प्रशिक्षक दल के सदस्यों के स्थानांतरण व कम मानदेय का मामला विधान तक पहुंचा. सत्तारूढ़ दल के सचेतक सह टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो ने मंगलवार को विधान सभा में ध्यानाकर्षण में बीटीटी के मुद्दे को विधानसभा अध्यक्ष रवीन्द्र नाथ महतो के समक्ष रखा. ध्यानाकर्षण सूचना पत्र में विधायक मथुरा प्रसाद महतो ने कहा कि झारखंड विधान सभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन के नियम -147 के तहत एक आवश्यक लोक महत्व के विषय पर ध्यानाकर्षण सूचना प्रस्तुत करना चाहते है. झारखंड स्वास्थ्य विभाग के अधीन संचालित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (छभ्ड) से जुड़कर 12 वर्षों से कार्यरत राज्य भर के बीटीटी (प्रशिक्षक दल) के सैकड़ों सदस्यों को अप्रेजल कर ग्रेडिंग के आधार पर दूसरे जिलों में स्थानान्तरित किया जा रहा है. जबकि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन इन्हें एक तरफ स्वतंत्र साधन सेवी कहती है और दूसरी ओर इनका अप्रेजल (परीक्षा) लेकर स्थानान्तरित कर रही है. राज्य भर के प्रत्येक समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (ब्भ्ब्) व ग्रामीण क्षेत्र में बीटीटी समूह से कार्य लेती है. ये केंद्र अथवा राज्य सरकार के स्वास्थ्य संबंधी अभियानों में कार्य करती है.
इन्हें 30 दिन खटा कर मात्र 20 दिन का 8 हजार रुपया मानदेय दिया जाता है. जो वर्तमान समय में महंगाई के अनुरूप बहुत कम है. जो इतना कम पैसों में दूसरे जिला में जाकर कैसे काम कर सकती है. जबकि इनमें अधिकांश महिलाएं है, इस स्थानांतरण प्रक्रिया से बीटीटी समूह परेशान हैं. अतः स्थानान्तरित बीटीटी (प्रखंड प्रशिक्षक दल) को उनके मूल प्रखंड में ही बीटीटी के पद पर कार्य करने दिया जाये, इन्हें त्ज्ञैज्ञ, क्त्च् आदि अन्य विभाग में कार्य लेना इनके साथ अन्याय होगा.
उक्त जानकारी देते हुए टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो ने कहा कि किसी भी बीटीटी को दूसरा जिला में नहीं जाने दिया जायेगा, महिला बीटीटी अपने मूल प्रखंड में बीटीटी के पद पर ही कार्य करेगी. उन्हें किसी आरकेएसके, डीआरपी अथवा अन्य किसी भी कोषांग में काम नहीं करने दिया जायेगा. इस मामले को लेकर जल्द प्रखंड प्रशिक्षकों के साथ माननीय स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता जी से मिलेंगे, ऐसे भी सरकार बीटीटी के मुद्दे को लेकर गंभीर हैं, जो माननीय मंत्री महोदय बीटीटी मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए स्थानांतरण पर रोक लगा दिये है. उन्होंने कहा कि बीटीटी का मानदेय बढोतरी को लेकर अगले सत्र में प्रयास करेंगे. स्थानांतरण मामले में बीटीटी समूह पर राज्य अथवा जिला के अधिकारियों की मनमानी नहीं चलने दिया जायेगा. जनहित, लोकहित, सरकारहित, स्वास्थ्य विभाग हित में ही कार्य होगा.
मालूम हो कि धनबाद जिला में सहिया को ट्रेनिंग देने अथवा स्वास्थ्य अभियान का कार्य करने वाले टुंडी, बाघमारा, बलियापुर, निरसा, गोविन्दपुर, झरिया के बीटीटी का स्थानांतरण दूसरा जिला हो गया था, जिस पर फिलहाल रोक लग गया है.

