रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छह वर्ष पहले सत्ता में आने में जिस मनरेगा को कांग्रेस के 70वर्ष के कार्यकाल की सबसे बड़ी विफलता बताते थे और इसका ढोल पिटने की बात करते थे. वहीं मनरेगा आज देश की अर्थव्यवस्था और श्रमिकों को रोजगार देने का झारखंड ही नहीं, देशभर में सबसे बड़ा साधन बना है और यह वरदान साबित हो रहा है.
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता ने कहा कि झारखंड में लॉकडाउन प्रारंभ के दौरान जहां मात्र 800 लोग मनरेगा योजना में कार्यरत थे. वहीं आज लॉकडाउन-3 के दौरान 2.83 लाख श्रमिक राज्य के लगभग सभी पंचायतों में चल रही मनरेगा योजनाओं में कार्यरत है.
उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार आने वाले दिनों में मनरेगा के माध्यम से और अधिक से अधिक संख्या में ग्रामीणों को उनके गांव-पंचायत में ही रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है.
आलोक कुमार दूबे ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में नीति-निर्माताओं ने भारतीय अर्थव्यवस्था की मर्म को पहचाना था और हर परिवार को रोजगार की गारंटी देने के लिए दुनिया की सबसे बड़ी मनरेगा योजना की शुरुआत की थी.
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कहा था कि जब ग्रामीण संपन्न होंगे, गांव में संपन्नता आएगी, तभी देश में समृद्धि आएगी. लेकिन पिछले छह वर्षां में भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने भारतीय अर्थव्यवस्था को पूरी तरह से छिन्न-भिन्न कर रख दिया है.

