नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने 14 खरीफ फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को मंजूरी दे दी है. लेकिन कांग्रेस ने इसे सरकार का एक और जुमला बताया है.
कांग्रेस ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा फसलों के लिए नए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की घोषणा करने के बाद किसानों की आशाएं धाराशायी हो गई हैं. अगर सरकार का रवैया ऐसा ही रहा तो किसानों की आय दोगुना करने का वादा एक और ‘जुमला’ साबित होगा.
कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने कहा कि ‘लॉकडाउन, टिड्डी दल के हमले और प्राकृतिक आपदाओं से किसानों को अभूतपूर्व संकट का सामना करना पड़ रहा है. किसान जिन राहत की उम्मीद कर रहे थे, उन्हें आज सरकार ने धाराशायी कर दिया. फायदे के बारे में भूल जाइए, इन खरीफ एमएसपी में तथाकथित बढ़ोतरी से किसानों के नुकसान और कर्ज की भी भरपाई नहीं होगी.’
अहमद पटेल ने एक दूसरे ट्वीट में लिखा, ”किसानों के प्रति अगर सरकार का यही रवैया रहा तो 2022 तक उनकी आय दोगुनी करने का वादा एक और जुमला साबित होगा.”
कांग्रेस के एक अन्य नेता जयराम रमेश ने कहा कि ‘पहले तो प्रधानमंत्री कहते हैं कि पैकेज की घोषणा वित्त मंत्री करेंगी. फिर वित्त मंत्री पैकेज की घोषणा करती हैं. फिर गडकरी बताते हैं कि प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री ने क्या कहा है. यह अधिकतम हेडलाइन, अधिकतम डेडलाइन है.’
केंद्र की मोदी सरकार-2 ने एक साल पूरे करने के बाद सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की पहली बैठक हुई. इस बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि सरकार आत्मनिर्भर भारत पर जोर दे रही है.
संकट में फंसे एमएसएमई की मदद करेंगे. उन्होंने कहा कि एमएसएमई को पर्याप्त फंड दिया गया है. किसानों और मजदूरों के लिए फैसले लिए गए हैं. कैबिनेट ने 14 खरीफ फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को मंजूरी दी. किसानों को लगात से कम से कम 50 से 83 प्रतिशत तक ऊंचा मूल्य मिलेगा.
केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर शामिल हुए.

