नई दिल्ली: कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 151वीं जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 116वीं जयंती के मौके पर कहा कि किसान कृषि कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. उन्होंने मोदी सरकार पर किसानों को खून के आंसू रुलाने का आरोप लगाया. उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी करके सरकार पर हमला बोला है.
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘मेरे प्यारे कांग्रेस के साथियों किसान-मजदूर भाईयों और बहनों, आज किसानों, मजदूरों और मेहनतकशों के सबसे बड़े हमदर्द महात्मा गांधी की जयंती है. गांधी जी कहते थे भारत की आत्मा, भारत के गांव खेत और खलिहान में बसते हैं. आज जय जवान जय किसान का नारा देने वाले हमारे पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की भी जयंती है. लेकिन आज देश का किसान और मजदूर कृषि विरोधी तीन काले कानूनों के खिलाफ सड़कों पर आंदोलन कर रहे हैं. अपना खून पसीना देकर देश के लिए अनाज उगाने वाले अन्नदाता किसान को मोदी सरकार खून के आंसू रुला रही है.’
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘कोरोना महामारी के दौरान हम सबने सरकार से मांग की थी कि हर जरुरतमंद देशवासी को मुफ्त में अनाज मिलना चाहिए. तो क्या हमारे किसान भाईयों के बगैर यह संभव था कि हम करोड़ों लोगों के लिए दो वक्त के भोजन का प्रबंध कर सकते थे. आज देश के प्रधानमंत्री हमारे अन्नदाता किसानों पर घोर अन्याय कर रहे हैं. उनके साथ नाइंसाफी कर रहे हैं.’
सोनिया गांधी ने कहा कि जो किसानों के लिए कानून बनाए गए हैं उनके बारे में उनसे सलाह मशवरा तक नहीं किया गया. बात तक नहीं की गई.यही नहीं उनके हितों को नजरअंदाज करके चंद दोस्तों से बात करके किसान विरोधी तीन काले कानून बना दिए गए हैं. जब संसद में भी कानून बनाते वक्त किसान की आवाज नहीं सुनी गई तो वे अपनी बात शांतिपूर्वक रखने के लिए महात्मा गांधी जी के रास्ते पर चलते हुए मजबूरी में सड़कों पर आए हैं. लोकतंत्र विरोधी, जन विरोधी सरकार द्वारा उनकी बात सुनना तो दूर उनपर लाठियां बरसाई गईं.’

