नई दिल्ली: कांग्रेस ने गलवान घाटी विवाद को लेकर एक बार फिर मोदी सरकार पर निशाना सधा है. कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने इस दौरान कहा कि देश के सामने सीमा पर गंभीर चुनौती है, लेकिन इस चुनौती के समय में भी सरकार विपक्ष और एक्सपर्ट्स को आंखें दिखा रही है.
आज चीन के मसले पर सरकार देश से सच्चाई छुपा रही है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल के बेटे शौर्य डोवाल भी लगातार चीन का दौरा करते रहते हैं. सवाल यह है कि किस हैसियत से वहां चीन गए. अब समय आ गया है कि सरकार चीन को कड़ा जवाब दे.
गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि चीनी घुसपैठ पर नई रिपोर्टों की पृष्ठभूमि में, प्रधान मंत्री को जवाब देना चाहिए कि “क्या हमारी सीमाएं सुरक्षित हैं, क्या उनकी कोई घुसपैठ हुई है, क्या भारतीय सेना 25 जून को लद्दाख के क्षेत्रों में गश्त जारी रख सकती है जहां यह 1 अप्रैल से पहले गश्त कर रही थी.”
पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि जिस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अहमदाबाद में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ झूला झूल रहे थे, तब भी सीमा पर चीनी सेना ने घुसपैठ की थी. आज भाजपा के लद्दाख के नेता भी कह रहे हैं कि चीन काफी अंदर तक घुस गया है, दूसरी ओर अरुणाचल प्रदेश से भी गंभीर खबर आ रही है.
पीएम नरेंद्र मोदी के चीन के साथ पुराने और गहरे संबंध होने के बावजूद चीन हमारी जमीन पर कब्जा करता है और लगातार आगाह किये जाने के बाद भी सरकार इस बारे में मौन रहती है तो इस चुप्पी की वजह देश को बतायी जानी चाहिए.
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के कई नेता लगातार चीन का दौरा करते रहे हैं, जो चीनी पार्टी के बुलावे पर गए थे. इसके अलावा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के बेटे शौर्य डोवाल भी लगातार चीन का दौरा करते रहते हैं और इंडिया फाउंडेशन क्यों भारत और चीन के बीच बातचीत का ट्रैक रखता है.
उन्होंने कहा कि आज देश की सीमाओं पर एक गंभीर चुनौती आई है. सरकार के सामने दो विकल्प हैं, या तो पूरे देश को साथ लेकर सेना के पीछे खडे होकर चीन का मुकाबला करें और या शुतुरमुर्ग की तरफ रेत मे सर छुपाकर यह मान लें कि एलएसी पर कोई घुसपैठ हुई ही नहीं.

