BnnBharat | bnnbharat.com |
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
BnnBharat | bnnbharat.com |
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

मोदी सरकार देश की खेती-किसानी को कॉर्पोरेट के हवाले करने का कुचक्र रच रही: कांग्रेस

by bnnbharat.com
September 19, 2020
in समाचार
संसद तक लड़ेंगे बुंदेलखंड के किसानों के हक की लड़ाई: अजय लल्लू
Share on FacebookShare on Twitter

यूपी: उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने संसद में पारित तीनों कृषि सम्बंधित विधेयकों-कृषक उपज व्यपार और वाणिज्य विधेयक, मूल्य आश्वासन एवं कृषि सेवाओं पर किसान समझौता और आवश्यक वस्तु संशोधन विधेयक को किसान विरोधी काला कानून करार देते हुए इसे किसानो की कमर तोड़ने वाला और कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग को बढ़ावा देने वाला कानून करार दिया.

उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने आईपीएन को दिए अपने बयान में कहा कि मौजूदा पारित तीनो कृषि कानून आम किसानों को समूल नष्ट कर देने वाले कानून है. तीनो कानून प्रदेश के लाखो मझोले और सीमांत किसान के ऊपर भारी पड़ेंगे और उनकी समूची खेती-किसानी कर्ज में फंस के बिक जाएगी. 

उन्होंने आगे कहा कि आवश्यक वस्तुओं की सूची से अनाज, फल और सब्जी को हटा लेने से जमाखोरी को बढ़ावा मिलेगा, कीमतों में अस्थिरता रहेगी जिसका खामियाजा देश की बेहाल, परेशान जानता को भुगतना पड़ेगा.

लल्लू ने मांग की है कि एक देश एक समर्थन मूल्य के तहत प्रदेश में सारी फसलों, फल, अनाज, सब्जी आदि चीजों की पूरे देश में न्यूनतम समर्थन मूल्य तय होने चाहिए. उन्होंने मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि वो देश की खेती-किसानी को कॉर्पोरेट के हवाले करने का कुचक्र रच रही है.

न्यूनतम समर्थन के खतम होने से प्रदेश अधिकांश किसान (लगभग 86 फीसद) बर्बादी के कगार पर पहुंच जायेंगे. उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार चाहती है कि कृषि क्षेत्र कॉर्पोरेट कंपनियों के फायदे के लिए खुले जिससे हमारे मझोले और सीमांत किसान बर्बाद हो जायेंगे.

बड़ी कंपनियों के कुचक्र में फंस के किसान अपनी ही जमीन पर बंधुआ मजदूर बन कर रह जायेगा. उन्होंने कहा कि प्रदेश का बदहाल किसान पहले ही कर्ज के कुचक्र में फंसकर आत्महत्या कर रहा है, ऐसे में यह तीन कानून उसकी ताबूत में कील साबित होंगे.

Share this:

  • Click to share on Facebook (Opens in new window)
  • Click to share on X (Opens in new window)

Like this:

Like Loading...

Related

Previous Post

नक्सलियों ने की पोस्टरबाजी, इलाके में दहशत

Next Post

करंट लगने से दो भाईयों की मौत

Next Post
करंट लगने से महिला की मौत, पुलिस कर रही जांच

करंट लगने से दो भाईयों की मौत

  • Privacy Policy
  • Admin
  • Advertise with Us
  • Contact Us

© 2025 BNNBHARAT

No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

© 2025 BNNBHARAT

%d