चाईबासा:- आज पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित सभागार में उपायुक्त अरवा राजकमल के अध्यक्षता तथा उप विकास आयुक्त संदीप बक्शी, सहायक समाहर्ता जावेद हुसैन के उपस्थिति में स्वास्थ्य विभाग, समाज कल्याण विभाग एवं सामाजिक सुरक्षा कोषांग का संयुक्त रुप से समीक्षात्मक बैठक आयोजित किया गया. उक्त बैठक में जिले के सिविल सर्जन डॉ ओम प्रकाश गुप्ता, जिला भू अर्जन पदाधिकारी -सह- नोडल पदाधिकारी, सदर अस्पताल एजाज़ अनवर, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी बसंती ग्लाडिस बाढ़ा, जिला सर्विलांस पदाधिकारी डॉ संजय कुजूर, सामाजिक सुरक्षा कोषांग के सहायक निदेशक नेहा संजना खलको सहित सभी प्रखंडों के चिकित्सा प्रभारी, सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे.
बैठक के उपरांत उपायुक्त के द्वारा जानकारी दी गई कि उपर्युक्त तीनों विभागों के क्षेत्रीय पदाधिकारियों के साथ आज बैठक का आयोजन किया गया है जिसमें मुख्यतः नीति आयोग के सूचकांक जो कि मातृत्व एवं शिशु से संबंधित है का समीक्षा किया गया है और प्रखंड वार संबंधित प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी एवं बाल विकास परियोजना पदाधिकारी के कार्यों का भी समीक्षात्मक अध्ययन किया गया है. उन्होंने बताया कि बैठक में विशेष रूप से संस्थागत प्रसव, एएनसी निबंधन, टीकाकरण और इसी प्रकार सीडीपीओ के द्वारा किए जाने वाले कार्य यथा एनसीडी का आयोजन, कुपोषित बच्चों को कुपोषण उपचार केंद्र रेफर करने की विवरणी के साथ-साथ महिला पर्यवेक्षक के द्वारा क्षेत्र भ्रमण से संबंधित जानकारी, टीएचआर वितरण के अद्यतन प्रतिवेदन का अवलोकन करते हुए जिला स्तर पर इन सभी के कार्यों का रैंकिंग करने का निर्णय लिया गया है.
उपायुक्त के द्वारा बताया गया कि रैंकिंग करने के निर्णय के आलोक में जो भी खराब प्रदर्शन करने वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी होंगे उन पर कार्रवाई करने के साथ-साथ उनके द्वारा अगले महीने के कार्य योजना का प्रजेंटेशन जिला स्तरीय बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा कि वह अपने क्षेत्र में किस तरह की योजनाओं को संचालित कर कार्यों को आगे ले जाएंगे. इसी तरह क्षेत्रीय पदाधिकारियों के द्वारा कर्तव्य पालन नहीं करने पर स्पष्टीकरण के साथ-साथ उनके वेतन को रोकने का भी निर्णय आज के बैठक में लिया गया है. उन्होंने बताया कि जिले में स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में काफी सुधार भी हुआ है तथा टीएचआर के तहत गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों को दिसंबर माह तक का उपलब्ध करवाई जाने वाली चावल वितरण की भी स्वीकृति दी गई है जल्द ही इसका वितरण भी सुनिश्चित किया जाएगा इसके अलावा संस्थागत प्रसव के आंकड़ों में भी काफी सुधार आया है लेकिन कुछ प्रखंड क्षेत्रों में प्रशिक्षित प्रसव सहायिका के बिना ही कार्य किया जा रहा है ऐसे आंकड़ों को कम करने हेतु संबंधित प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी को निर्देशित किया गया है.

