रांची:- झारखंड आंदोलनकारी मोर्चा के केंद्रीय संयोजक प्रवीण प्रभाकर और विमल कच्छप ने रांची जिले के पुराने आंदोलनकारी धनेश्वर भगत के निधन पर शोक व्यक्त किया है. दोनों नेताओं ने उनके रातू स्थित सिमलिया रातू स्थित उनके पैतृक ग्राम में दिवंगत नेता के अंतिम संस्कार में भाग लिया और परिजनों से मुलाकात सांत्वना प्रकट की.
प्रवीण प्रभाकर तथा विमल कच्छप ने कहा है कि धनेश्वर भगत ने आजसू के उग्र आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और युवाओं को जोड़ने का काम किया था और कई बार गिरफ्तार भी हुए, लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि राज्य सरकार के सम्मान और पेंशन की आस देखते देखते उन्होंने दम तोड़ दिया. इससे लोगों में रोष है. दोनों नेताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांग की है कि झारखंड आंदोलनकारियों की दशा सुधारने की दिशा में अविलंब पहल करें क्योंकि उनसे काफी आशा है. ताकि भविष्य में और किसी आन्दोलनकारी के साथ ऐसा न हो. उन्होंने कहा कि यह आश्चर्य की बात है कि रातू क्षेत्र में किसी को भी अब तक पेंशन नहीं मिल पाया है. दोनों नेताओं ने कहा कि झारखंड आंदोलनकारी चिन्हितिकरण आयोग का शीघ्र गठन किया जाए.

