रांचीः सीएम रघुवर दास ने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद ही राज्य की जनता को विकास और सुशासन का मैंने भरोसा दिया. उस भरोसे को पूरा करने के लिए 1 मई 2015 को जनसंवाद का शुभारंभ हुआ.
जिसके सुखद परिणाम भी हमें मिले. 5 साल में जनसंवाद के माध्यम से 17 लाख 73 हजार लोगों के साथ संवाद हुआ. 4 लाख 15 हजार जन शिकायत दर्ज हुई, जिसमें 92 प्रतिशत मामलों का समाधान हमने शिकायतकर्ता की संतुष्टि पूरा होने तक किया.
मैं सभी विभाग को बधाई देता हूं. हमें और संवेदनशील प्रशासन देने की जरूरत है. शासन और जनता के बीच तालमेल होना चाहिए. आज मैं सीधी बात कार्यक्रम में अंतिम बार शामिल हो रहा हूं. नए साल में नई सरकार, नये उमंग और नव उर्जा के साथ लोगों की शिकायतों को दूर करने का प्रयास करेगी.
सुशासन द्वारा राज्य में विकास की गति को बढ़ाने में यह सहायक होगा. मुख्यमंत्री सूचना भवन में आयोजित सीधी बात कार्यक्रम में लोगों को संबोधित कर रहे थे.
अब नहीं आते ट्रांसफार्मर बदलने के मामले, 24 घंटे में बदलता है ट्रांसफार्मर
सीधी बात कार्यक्रम प्रारंभ होने के बाद से ही ट्रांसफॉर्मर खराब होने या ट्रांसफॉर्मर नहीं होने की शिकायत का शुमार था. लेकिन सरकार ने अपनी कार्यप्रणाली से ट्रांसफॉर्मर की शिकायत को हमेशा के लिए दूर कर दिया.
अब कहीं भी इस तरह की समस्या नहीं है. 24 घन्टे के अंदर ट्रांसफॉर्मर बदलने का निर्देश दिया गया है. जनसंवाद के माध्यम से हम 100 प्रतिशत समस्याओं के समाधान के लक्ष्य को प्राप्त कर लेते. लेकिन इनमें कुछ पारिवारिक जमीन से संबंधित मामले रहे. जिसका समाधान परिवारिक स्तर पर हो सकता था.
इसमें सरकार अपना हस्तक्षेप नहीं कर सकती थी. कुछ मामले न्यायालय में प्रक्रियाधीन थे. अनुकंपा से संबंधित मामलों को लेकर हमने पूरे राज्य में सम्मिलित रूप से काम किया और उसका निष्पादन भी हुआ. कई आश्रितों को सरकार ने नौकरी प्रदान की.
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल, अपर सचिव अविनाश कुमार, कृषि सचिव पूजा सिंघल, उद्योग सचिव के रवि कुमार, सचिव पंचायती राज प्रवीण टोप्पो समेत विभिन्न विभागों के आलाधिकारी, पदाधिकारी और शिकायतकर्ता उपस्थित थे.
पिछले साढ़े 4 साल में जनसंवाद में यह रहा खास…
ई-गवर्नेंस का अच्छा उदाहरण फोन, ईमेल और इंटरनेट के माध्यम से दर्ज हुई शिकायत
जनसंवाद को सीएम डैशबोर्ड के साथ अटैच किया गया.
17 लाख 73 हजार लोगों से संवाद हुआ. 7 लाख लोगों ने फोन के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई.
45 सेकंड में एक व्यक्ति ने एक व्यक्ति से संवाद किया. यह जनसंवाद कि साढ़े 4 साल का औसत है.
57 माह चले सीधी बात कार्यक्रम में 52 बार मुख्यमंत्री ने सीधा संवाद किया.

