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इंसान को सांपों से और सांपों को इंसान से बचाने में जुटे
रांची: सांप को देखते ही कुछ लोग तो उल्टे पांव भाग खड़े होते हैं, तो वहीं कुछ लोग सांप को ही मारने के लिए लाठी डंडे लेकर निकल पड़ते हैं. इन सबसे हटकर आज हम एक ऐसे शख्स के बारे में बात कर रहे हैं जो रांची में स्नैक सेवर यानी सांपों के रखवाले के रूप में जाने जाते हैं.
रांची पिठौरिया के रहने वाले रमेश कुमार जहरीले सांपों के रखवाले बन चुके हैं. रमेश कुमार का कहना है कि वे भी आम लोगों की की तरह पहले सांपों से डरते थे, लेकिन इंसान को सांपों से और सांपों को इंसान से बचाने के लिए इन्होंने कदम उठाया.
इस काम में देश के जाने माने प्रसिद्ध स्नैक सेवर रोमुलस विहिटेकर की पुस्तक से इन्होंने कई जानकारियां इकट्ठी की. सांपों की विभिन्न प्रजातियों और उनके स्वभाव को जानने के बाद रमेश कुमार ने घर और आसपास में अचानक निकलने वाले सांपों की रक्षा के लिए कदम बढ़ाया.पिछले चार सालों के दौरान रमेश ने अब तक दो हजार से अधिक सांपों को सुरक्षित जंगलों तक छोड़ा है.
शुरुआती दौर में रमेश को इस काम में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा. एक तरफ जहरीले सांपों से खतरा तो दूसरी तरफ लोग इन्हें सपेरा और मदारी जैसे नामों से बुलाते थे.
सांपों को बचाने के लिए कदम बढ़ा चुके रमेश ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. वह भली भांति जानते थे कि आहार श्रृंखला में सांपों का महत्व अन्य जीव-जंतुओं से काम नहीं है.
रमेश का कहना है कि वैज्ञानिक और धार्मिक दोनों ही दृष्टिकोण से सांपों का महत्व काफी अधिक है. इसलिए बेवजह सांपों से ना तो डरने की जरूरत है और ना ही उन्हें मारने की मजबूरी है.

