संवाददाता,
रांची : नये वाहन अधिनयम एक्ट के लागू होने के बाद से लोगों के बीच ट्रैफिक नियमों को लेकर लगातार जुर्माने की राशि वसूली जा रही है. वहीं लोग भी पहले की तुलना में अधिक सतर्कता के साथ वाहन चला रहे है. राजधानी के ट्रैफिक पोस्ट में यातायात कर्मी तो तैनात हैं, पर ट्रैफिक सिग्नल जलते ही नहीं हैं. राजधानी के आधा दर्जन चौक-चौराहों की ही स्थिति ठीक है, बाकी जगहों पर पुलिसकर्मी ही अपने हाथों से यातायात संचालित करते हैं. 10 से अधिक चौराहे ऐसे हैं, जहां दिन भर येलो लाइट ही जलती रहती है, उसे ट्रैफिक कर्मी नियंत्रित करते हैं. सुजाता चौक के पास कभी पीला, तो कभी लाइट गिनती करते-करते शून्य पर आ जाता है. इससे सभी तरफ के वाहन चालक दुविधा में फंस जाते हैं. अमूमन शहर में वैसी जगहों पर ट्रैफिक स्मूथ है, जहां यह सिग्नल नहीं है. शहर में नये नियम लागू होने से पहले किसी तरह का कोई प्रचार यातायात पुलिस अथवा परिवहन विभाग ने नहीं किया. एकबारगी लोगों के ऊपर नये नियम थोप दिये गये, जिसका अनुपालन करने में अब वाहन चालकों को ही पापड़ बेलने पड़ रहे हैं.
यातायात नियमों में बाइक सवार के दोनों लोगों को हेलमेट पहनना जरूरी है. पर यहां पर दूसरी सवारी शायद ही हेलमेट पहन रही है. इसका फायदा पुलिस वाले उठा रहे हैं और दना-दन जुर्माने की रसीद काट रहे हैं. इनका जुर्माना काटने का तरीका भी लोगों के लिए नागवार गुजर रहा है. लोगों को पता ही नहीं चल रहा है कि आखिर उनसे कहां गलती हो गयी है अथवा, उन्हें किस डायरेक्शन में जाना है. नया यातायात नियम तो जानलेवा बन ही गया है, ऊपर से रांची नगर निगम की तरफ से शहर के 10 पथों को वन वे कर दिया गया है. इससे परेशानी और बढ़ गयी है. इससे ट्रैफिक पुलिस वालों का ही वारा-न्यारा हो गया है और वे जम कर लोगों की फाइन काट रहे हैं. शुक्रवार को कांटा टोली चौक पर सिग्नल का उल्लंघन कर ऑटो चालक ट्रैफिक पोस्ट पार करने का कोशिश कर रहा था.जिस दौरान ट्रैफिक कर्मियों ने रोका तब पता चला कि ऑटो पर अंकित नम्बर फोर व्हीलर का है जो कि फर्जी नम्बर है. इसकी जानकारी कांटा टोली प्रभारी द्वारा कंट्रोल को बताया गया .वरीय पदाधिकारी के निर्देशानुसार ऑटो और स्कूटी को जप्त कर मुकदमा दर्ज किया गया.

