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दो सप्ताह पहले फोन कर कहा था-टेंशन न ले, सबकुछ ठीक है
रांची: चीनी सैनिकों के साथ गलवान घाटी में हुई झड़प में शहीद हुए 20 जवानों की सूची में झारखंड के एक और सपूत ने सीमा की सुरक्षा को लेकर अपने प्राणों की आहूति दी है.
पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा प्रखंड के कोसाफलिया गांव निवासी 21 वर्षीय गणेश हांसदा की शहादत की खबर मंगलवार देर रात परिजनों को मिली. शहादत की खबर मिलते ही गणेश के मां-पिता गुमशुम हो गये. गणेश की शादी नहीं हुई थी.
परिजनों ने बताया कि गणेश हमेशा कहता था, जब भी वह शादी करेगा, अपनी पसंद से करेगा, लेकिन शादी के पहले ही उसने देश की सीमा की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिये.
शहीद गणेश के बड़े भाई दिनेश हांसदा ने बताया कि करीब दो सप्ताह पहले घर पर फोन कर उसने अपनी सलामती की बात बतायी थी. अपनी भाभी से बात में उसने कहा था कि टेंशन लेने की कोई बात नहीं है, वहां सब ठीक है.
इससे पहले गणेश जनवरी में छुट्टी के दौरान घर आया था और 27 फरवरी को वापस ड्यूटी ज्वाइन करने के लिए निकला था. गणेश हांसदा ने वर्ष 2018 सितंबर में आर्मी ज्वॉइन की थी. बिहार के दानापुर में ट्रेनिंग के बाद उन्हें लेह में पहली पोस्टिंग मिली थी.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गणेश हांसदा की शहादत की खबर मिलने पर दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि भारत-चीन सीमा में हिंसक गतिरोध के दौरान फिर एक झारखंडी शेर गणेश हांसदा के शहीद होने की खबर सुनकर मन व्याकुल है.
कल भी झारखंडी वीर कुंदन ओझा के शहीद होने की खबर आयी थी. देश की संप्रभुता की रक्षा में वीर झारखंडी सपूतों का बलिदान सदियों तक याद रखा जाएगा.

