हजारीबाग: ओकनी काली मंदिर में 27 अक्तूबर दिवाली की रात भव्य तरीके से मां काली की पूजा-अर्चना की जाएगी. पिछले चार दशक से हर साल गहरी आस्था और श्रद्धा से ओकनीवासी मां काली की आराधना कर रहे हैं.
मुहल्लेवासियों के सहयोग से इस मंदिर की स्थापना सात नवंबर 1980 को तत्कालीन वार्ड पार्षद सुधीर सिन्हा ने कराई थी. पूर्व वार्ड पार्षद और रामनवमी संरक्षण समिति के संस्थापक अध्यक्ष सह समाजसेवी सुधीर सिन्हा अब इस दुनिया में नहीं हैं.
सर्वसम्मति से मुहल्लेवासियों ने यह जिम्मेवारी उनके भाई सह पूर्व वार्ड पार्षद अजय सिन्हा को सौंप उन्हें मां काली पूजा महासमिति ओकनी का अध्यक्ष मनोनीत किया है.
उपाध्यक्ष अरविंद जायसवाल, सचिव रोशन वर्मा, कोषाध्यक्ष दिलीप वर्मा, सह सचिव दीपू गोप, महामंत्री मुकेश वर्मा और आदित्य नारायण, पूजा प्रभारी सन्नी कुमार सिन्हा, आयुष शेखर सिन्हा उर्फ सिंपू, राजू गिरि, शंकु वर्मा, सोनू वर्मा और रवि वर्मा को मनोनीत कर पूजा का दायित्व सौंपा गया है.
संधि बलि 27 की रात 1.40 बजे, 28 की सुबह सात बजे से बंटेगा महाभोग
मंदिर के पुरोहित कृष्ण कुमार मिश्रा और दीपक कुमार पाठक ने बताया कि 27 अक्तूबर की रात 11:30 बजे से मां काली की पूजा आरंभ हो जाएगी.
मध्यरात्रि के बाद 1.40 बजे संधि बलि होगी. दूसरे दिन 28 अक्तूबर की सुबह सात बजे से श्रद्धालुओं के बीच महाभोग के रूप में शुद्ध घी से बनी पूड़ी, खीर और चना की सब्जी का वितरण किया जाएगा.

