रांची: वैश्विक महामारी कोरोना झारखंड में भी पांव पसार चुका है. अब तक झारखंड में 45 मामले सामने आ चुके हैं. कई जांच रिपोर्ट आनी बाकी है.
इस वैश्विक महामारी में डॉक्टर्स, पारा मेडिकल टीम, नर्सें, एंबुलेंस चालक सहित मेडिकल क्षेत्र से जुड़े विभिन्न सेवादूत खुद की परवाह किए बिना अपनी सेवाएं दे रहे हैं. यह देखने को मिल रहा है कि मेडिकल सेवा से जुड़े लोगों पर अपने राज्य में भी कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा दुर्व्यवहार की वारदातें हुई है.
यह जानते हुए भी कि कोरोना के संक्रमण से वह भी सुरक्षित नहीं है, इसके बावजूद खुद की परवाह किए बगैर सेवा में लगे इन कर्मचारियों की सुरक्षा की चिंता होना लाजिमी है. इन पर हो रहे दुर्व्यवहार से कहीं ना कहीं वैश्विक महामारी कोरोना से लड़ रहे लोगों का हौसला टूटेगा और इसका असर हमारी स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ेगा.
वर्तमान परिस्थिति में इस बात की आवश्यकता है कि इनकी सुरक्षा को लेकर ठोस पहल की जाए ताकि मेडिकल सेवा से जुड़े लोग निर्बाध रूप से अपनी सेवाएं देते रहें.
इस मामले में गंभीरता पूर्वक विचार करते हुए सभी जनप्रतिनिधियों व प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा कर इनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि विपदा की इस घड़ी में स्वास्थ्य सेवा से जुड़े सभी लोगों बिना किसी भय के अपनी सेवा दे सके.

