इस्लामाबादः पाकिस्तानी आर्मी से नहीं डरना पाकिस्तान के पीएम को महंगा पड़ गया. अब विपक्षी दल इमरान के खिलाफ महाभियोग लाने की मांग कर रहें हैं.
वैसे तो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के बड़बोले पन से सब वाकिफ हैं लेकिन इस बार उन्होने अपनी ही आर्मी को लेकर डींग हांक दी कि वो पाकिस्तान की आर्मी से नहीं डरते हैं.
जिस आर्मी ने कई बार पाकिस्तान के पीएम को बर्खास्त कर देश में सैन्य शासन लागू किया है उस आर्मी के लिए इस तरह का बयान देना ‘छोटी मुंह, बड़ी बात’ प्रतीत होती है.
इस बयान के बाद इमरान विपक्षी दलों के निशाने पर आ गए हैं. पाकिस्तानी न्यूज वेबसाइट डॉन.कॉम के मुताबिक, विपक्षी दलों ने इमरान के इस बयान को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए संसद में महाभियोग प्रस्ताव लाने तक की बात कह दी है.
पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (पीपीपी) ने कहा कि सेना और राष्ट्रीय सुरक्षा संस्थानों को लेकर दिया गया इमरान खान का बयान गैरजिम्मेदाराना है.
पार्टी ने प्रधानमंत्री के खिलाप महाभियोग प्रस्ताव लाने की भी मांग की. बताते चलें कि इमरान ने अपने बेनिगाला स्थित आवास पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा था कि आर्मी को अच्छे से पता है कि वह न तो पैसे बना रहे हैं और न ही वह भ्रष्ट हैं, इसलिए उन्हें आर्मी से डर नहीं लगता है.
उन्होंने दावा किया कि सरकार पर कोई खतरा नहीं है क्योंकि एजेसियों को पता है कि कौन क्या कर रहा है और कौन भ्रष्टाचार में लिप्त है. इस पर पाकिस्तान पीपल्स पार्टी के महासचिव नय्यर बुखारी ने कहा कि देशों का शासन स्टेटमैनशिप से चलता है, न कि बचकानी हरकतों से.
उन्होंने कहा, ‘इमरान खान सत्ता के मद में चूर होकर होशो-हवास खो बैठे हैं. संसद में महाभियोग लाकर ही उनका इलाज किया जा सकता है.
वहीं, जमायत-ए-इस्लामी ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह बयान बताता है कि आर्मी उनके पीछे खड़ी है. पार्टी ने कहा कि प्रधानमंत्री की यह स्वीकारोक्ति राष्ट्रीय संस्थानों को राजनीति में घसीटने जैसी है.
पार्टी ने कहा कि इमरान सरकार देश से बाहर कश्मीर की लड़ाई लड़ने में नाकामयाब रही है और अंदर उसने देश को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के हाथों सौंपकर इकॉनमी का बुरा हाल कर दिया.
कुल मिलाकर अपने ही देश में घिर गए हैं इमरान. विपक्ष उनपर महाभियोग की मांग कर रहा.

