रोजीरोटी कमाने जाने वाले झारखंड के प्रवासी युवकों की मौत होने का सिलसिला रुकने का नाम ही नहीं ले रहा हैं।इसी क्रम में झारखण्ड के हजारीबाग जिले के बिष्णुगढ प्रखंड के सिमरिया निवासी शनिचर यादव के लगभग 22 वर्षीय पुत्र मुकेश यादव की शुक्रवार सुबह पांच बजे मुंबई के नायर अस्पताल में मौत हो गयी।मुकेश यादव पिछले दो दिनों से बीमार था। आज सुबह करीब 4 बजे अचानक तबियत बिगड़ गया।आनन फानन में बीमार मुकेश यादव को गांव वालों के द्वारा मुम्बई के नायर अस्पताल में भर्ती कराया गया जहाँ डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। मौत की सूचना मिलते ही परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।मुकेश यादव मुंबई सेंटर के ए सी मार्केट में 6 महीने से काम करता था। फोन पर इसकी सूचना मिलते ही दहेज मुक्त झारखंड के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह झारखंडी एकता संघ के राष्ट्रीय संगठन सचिव विजय प्रसाद नायर हॉस्पिटल आकर पेपर वर्क बनाने में मदद किया।झारखंडी एकता संघ के कोषाध्यक्ष ताजुद्दीन अंसारी एव प्रवक्ता असगर खान और दहेज मुक्त झारखंड के संस्थापक डॉ आनन्द शाही ने भी आर्थिक सहायता करने की बात कही है।विजय प्रसाद एवम गांव वालों के सहयोग से पार्थिव शरीर को कल सुबह 5:35 बजे हवाई जहाज से मुम्बई से रांची भेजने में मदद किया। रांची से पैतृक गांव सिमरिया तक एम्बुलेंस द्वारा पार्थिव शरीर को लाने में प्रमुख अशोक जी एवम मुखिया हरीश पटेल जी सहयोग करने का आश्वासन दिया है।नायर हॉस्पिटल आकर मदद करने वालों में दौलत यादव, छोटन यादव, प्रसादी यादव,मनोज रजक, सुरेन्द्र यादव, रोहित यादव,सोनु यादव ,प्रकाश रजक,डीलो यादव,मथुरा यादव, बिनोद यादव, गोबिंद यादव, संतोष यादव आदि लोंगो ने किया।कमाने जाने वाले झारखण्ड के नौजवानों की मौत के मुंह में समा जाने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई लोगों की मौत हो चुकी हैं।

