रांची: कुछ दिनों पहले पिठौरिया थाना क्षेत्र के करमघाट में एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई थी. पुलिस ने इस मामले को 4 दिनों में ही सुलझा लिया और घटना में संलिप्त चार अपराधियों को गिरफ्तार कर उनके निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त चाकू, मोटरसाइकिल, मोबाइल, सिम कार्ड एवं घटित घटना के बाद अपराधियों द्वारा पहने हुए कपड़ों का जला हुआ अवशेष भी बरामद किया.
बता दें कि 3 नवंबर को पिठौरिया थाना क्षेत्र के करमघाट जंगल में एक अज्ञात व्यक्ति का शव होने की सूचना चौकीदार के द्वारा दी गई थी. सूचना पाकर डीएसपी मुख्यालय प्रथम नीरज कुमार और सदर पुलिस निरीक्षक असित कुमार मोदी घटनास्थल का निरीक्षण करने पहुंचे. निरीक्षण के बाद पुलिस को ऐसा एहसास हुआ कि युवक की हत्या कर शव को छुपाने के नियत से जंगल में फेंका गया है. चौकीदार दिनेश उरांव के बयान के आधार पर पिठौरिया थाना में एफ आई आर दर्ज कर जांच प्रारंभ किया गया.
घटना को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी सुरेंद्र झा ने ग्रामीण एसपी के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया. गठित टीम ने 4 दिन में ही घटना में संलिप्त सभी अपराधियों को पकड़ लिया.
क्यों हुई मुकेश की हत्या
इस घटना को अंजाम देने वाले संजय कुमार उर्फ मास्टर मृतक के सौतेले भाई हैं. उनका मृतक की मां से नहीं बनता था. उसे पैतृक संपत्ति से भी दूर रखना चाहते थे और 10 वर्ष से संजय को घर से बेदखल कर दिया गया था. इस कारण से उसका मृतक मुकेश कुमार से भी नहीं बनता था. जिसे लेकर संजय कुमार काफी आक्रोशित था. इसलिए उसने मुकेश कुमार को जान से मारने का मन बना लिया था. उसने 10 वर्ष पूर्व में उसे मारने का प्रयास किया था. पर मारने में असफल रहे थे.
मुकेश कुमार घर का इकलौता चिराग था. इसलिए संजय उसे मार कर उसकी पूरी संपत्ति को हड़पना चाहता था और इसी को लेकर उसने षड्यंत्र रचते हुए अपनी तथाकथित पत्नी प्रतिमा भूतकुंवर को षड्यंत्र के तहत मृतक मुकेश के राँची के सर्जना चौक स्थित लैब नोरा फोटोग्राफी में फोटो तैयार करने के लिए भेजा तथा नोरा फोटोग्राफी लैब में कार्यरत मुकेश कुमार से संपर्क कर अपने प्यार के जाल में फसाने को कहा.
प्रतिमा उस लैब में फोटो बनाने के बहाने कई आना-जाना करती थी जिससे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गई. दोनों के बीच फोन और मैसेज के माध्यम से प्यार भरी बातें होने लगी और मुकेश का प्यार परवान चढ़ता गया. उसने प्रतिमा को अपने नाम से एक सिम कार्ड भी खरीद कर दिया और उसी से लगातार उनकी बातचीत होने लगी. इसी का लाभ लेते हुए संजय कुमार ने एक दिन मुकेश कुमार की हत्या की साजिश रच डाली.
संजय कुमार ने इस घटना में संलिप्त तथाकथित पत्नी प्रतिमा भूतकुंवर, सूरज सिंह एवं पुरुषोत्तम कुमार सिंह उर्फ पुस्तम उर्फ पीके को मिलाकर योजना बनाया और योजना के अनुरूप 1 नवंबर को मिलकर योजनाबद्ध तरीके से प्रतिमा के सहारे उसे बुलाया और पिठौरिया के करमघाट के सुतियाम्बे जंगल में धारदार छुरा से वार कर एवं गला रेतकर चारों ने मुकेश को मौत के घाट उतार दिया.

