रांची: इंडिया यंग फाउंडेशन के स्थानीय सर्कुलर रोड स्थित कार्यालय “पारिजात भवन” में शुक्रवार को विश्व प्रसिद्ध नृत्य-गायक कलाकार पद्मश्री मुकुंद नायक एवं नंदलाल नायक आये.
उन्होंने वैश्विक महामारी कोरोना से लड़ने और उससे बचने के संबंध में अपने विचार व्यक्त किए. तमाम लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की सलाह देते हुए उन्होंने कोरोना से संबंधित एक नागपुरी गीत सुनाया.
इस गीत में इस लॉकडाउन के कारण उत्पन्न विभिन्न तरह के संकट और लोगों के बीच घर और कारखानों दोनों से बेदरबार होकर सड़कों पर पैदल अपने घर वापस लौटने की तथा कृषकों व मजदूरों के बेरोजगार हो जाने एवं उनके भूखे मरने की स्थिति को इंगित किया गया है.
नायक ने बताया कि वह बरसों से ऐसे गीतों की रचना करते रहे हैं, जिसमें झारखंडवासियों और आदिवासियों को अपने ही घर पर रहकर अपने ही खेतों में काम करने की सलाह दी गई है. अपनी माटी से जुड़ने और थोड़ा कम खा कर ही सही, लेकिन अपनी जगह से पलायन न करने की सलाह उनकी गीतों में बराबर झलकती रही है.
इस प्रकार उनकी यह सलाह कोरोना ना रहने के बावजूद भी न केवल झारखंड-वासियों, बल्कि समूचे देशवासियों के लिए समान रूप से कारगर है. उनके गीतों में स्थानीय स्तर पर उत्पादन व स्वदेशी अपनाने एवं आत्मनिर्भरता प्राप्त करने पर भी बराबर जोर दिया जाता रहा है, जो आज के संकट की मूल वजह भी है.
इस अवसर पर पद्मश्री मुकुंद नायक ने इस वैश्विक महामारी के दौर में तमाम तरह के खतरों के बावजूद इंडिया यंग फाउंडेशन द्वारा किए जा रहे कार्यों को सराहा.
उन्होंने कहा कि आने वाले वक्त में वह सदैव इंडिया यंग फाउंडेशन के साथ बने रहेंगे. किसी भी प्रकार की आवश्यकता पड़ने पर उसे मदद करेंगे. विभिन्न अवसरों पर उनसे जो मार्गदर्शन मांगा जाएगा, प्रदान करेंगे.
करीब एक घण्टे से ज्यादा पारिजात भवन परिसर में बिताकर मुकुंद नायक अपने सहयोगियों के साथ लौट गए. इस वार्ता में इंडिया यंग फाउंडेशन के कोर सदस्यों सहित अन्य सदस्य भी उपस्थित थे.

