नई दिल्ली: महाराष्ट्र सरकार और अर्नब गोस्वामी के बीच तकरार का दौर लगातार जारी है. मुंबई पुलिस ने रिपब्लिक टीवी के इडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी के खिलाफ मंगलवार को नोटिस जारी किया है. अर्नब गोस्वामी पर पालघर लिंचिंग की घटना और बांद्रा माइग्रेंट्स की रिपोर्टिंग के दौरान कथित तौर पर सांप्रदायिक टिप्पणी करने का आरोप है.
अर्नब के खिलाफ आईपीसी की धारा 108 के तहत नोटिस भेजी गई है और उनसे पूछा गया है कि आखिर क्यों ना आपके साथ अच्छे व्यवहार का करार वापस लिया जाए. मुंबई पुलिस के अधिकारी ने बताया कि अर्नब गोस्वामी को स्पेशल एग्जेक्युटिव मजिस्ट्रेट और असिस्टैंट कमिश्नर ऑफ पुलिस के सामने शुक्रवार को 4 बजे पेश होने के लिए कहा गया है.
बता दें कि 21 अप्रैल को अर्नब गोस्वामी ने पूछता है भारत कार्यक्रम के दौरान बहस का आयोजन किया था, इस दौरान उन्होंने महाराष्ट्र के पालघर में दो संतों व ड्राइवर की हत्या के मुद्दे को उठाया था. यह बहस हिंदी भाषा में की गई थी. कार्यक्रम के दौरान अर्नब गोस्वामी पूछते हैं कि यह लिंचिंग हिंदू होने की वजह से, भगवा कपड़े पहनने की वजह से हुई है या नहीं, क्या अगर पीड़ित हिंदू नहीं होते तो वह चुप बैठते. अर्नब को जो नोटिस भेजा गया है उसमें आरोप है कि अर्नब की इस टिप्पणी के द्वारा हिंदू-मुसलमान में सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने की कोशिश की गई. इस शो के वीडियो पर भी यूट्यूब पर लोगों ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी थी.
गौरतलब है कि अर्नब गोस्वामी के खिलाफ सामाजिक वैमनस्यता को बढ़ावा देने के चलते अप्रैल माह में नागपुर में केस दर्ज किया गया था. उनपर आरोप है कि उन्होंने पालघर लिंचिंग घटना के लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को जिम्मेदार ठहराया था, इस मामले में भी उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया. बता दें कि दो साधू एक ड्राइवर की महाराष्ट्र के पालघर में भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी.
ये लोग 16 अप्रैल को सिलवासा जा रहे थे, इसी दौरान पालघर जिले के गढ़चिंचले गांव में इन लोगों की स्थानीय ग्रामीणों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी. अहम बात है कि इस दौरान वहां मौके पर पुलिस भी मौजूद थी, बावजूद इसके इन लोगों ने पुलिस के सामने इन लोगों को पीट-पीटकर मार डाला.

