रांची: राजस्व संग्रह कार्य के लिए उप नगर आयुक्त शंकर यादव ने झारखंड नगरपालिका अधिनियम 2011 के खिलाफ श्री पब्लिकेशन एंड स्टेशनर्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ इकरारनामा किया है. इकरारनामा से पूर्व उन्होंने न तो मेयर को इस मामले की जानकारी दी और न ही निगम परिषद की बैठक से इस विषय पर स्वीकृति लेना उचित समझा.
इस मामले में मेयर आशा लकड़ा ने उप नगर आयुक्त को शो-कॉज भी किया था. परंतु निर्धारित समयावधि के अंदर उन्होंने शो-कॉज का कोई जवाब नहीं दिया. उप नगर आयुक्त के इस आचरण से स्पष्ट है कि नई एजेंसी के साथ किए गए इकरारनामा में अनियमितता की गई है. इस मामले पर नगर निगम के अधिकारी के रवैये को देख मेयर ने नगर आयुक्त को निर्देश दिया है कि 15 अक्टूबर को सुबह 11 बजे से बैठक आहुत कर इस विवाद को समाप्त किया जाए.
मेयर ने नगर आयुक्त को यह भी निर्देश दिया है कि 15 अक्टूबर की बैठक में नगर निगम के कानूनी व तकनीकी सलाहकार के साथ-साथ अधोहस्ताक्षरी के कानूनी सलाहकार शुभाशीष सोरेन व तकनीकी सलाहकार राजीव गुप्ता को भी आमंत्रित किया गया है, ताकि दोनों पक्ष की बातें स्पष्ट हो. मेयर ने यह भी कहा है कि बैठक में प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में होगी, ताकि इस बैठक को लेकर किसी प्रकार का आरोप-प्रत्यारोप ना हो.
उन्होंने नगर आयुक्त को निर्देश दिया है कि बैठक में उपस्थित सदस्यों को श्री पब्लिकेशन एंड स्टेशनर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा जमा किए गए दस्तावेजों की प्रति भी उपलब्ध कराएं. चूंकि चयनित एजेंसी द्वारा फर्जी दस्तावेज का उपयोग कर टेंडर हासिल करने की शिकायत मिली है. इसलिए एजेंसी द्वारा जमा किए गए दस्तावेजों की कानूनी व तकनीकी जांच पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए.
उन्होंने यह भी कहा कि यदि नई एजेंसी के साथ किए गए इकरारनामा में रांची नगर निगम के अधिकारियों ने झारखंड नगरपालिका के अधिनियमों का पालन कर प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है, तो उन्हें गुरुवार को होने वाली बैठक से पीछे नहीं हटना चहिए.

