ग्वालियर: संगीत सम्राट तानसेन की जन्मस्थली बेहट में शिव मंदिर परिसर को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जायेगा. विश्व भर में संगीत सम्राट तानसेन की जन्मस्थली बेहट प्रसिद्ध है.
प्राकृतिक दृष्टि से भी यह परिसर बहुत ही सुंदर और रमणीक है. परिसर के पास से ही निकलने वाली झिलमिल नदी इस स्थल को और आकर्षण का केन्द्र बनाती है. बे
हट के इस परिसर को बेहतर बनाने के लिये एक विस्तृत प्लान तैयार करने के निर्देश कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने संबंधित अधिकारियों को दिए.
कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने शुक्रवार को बेहट क्षेत्र का भ्रमण किया. भ्रमण के दौरान उन्होंने क्षेत्र में किए जा रहे विकास कार्यों का अवलोकन करने के साथ-साथ संगीत सम्राट तानसेन की जन्मस्थली और साधना स्थली का भी अवलोकन किया.
बेहट के प्राचीन शिव मंदिर में पूजा करने के पश्चात उन्होंने सम्पूर्ण परिसर का अवलोकन किया. परिसर को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिये उन्होंने जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी राजीव मिश्रा को निर्देश दिए हैं कि इस परिसर को विकसित करने के लिये एक कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करें.
कलेक्टर सिंह ने कहा कि परिसर के पास से ही निकलने वाली झिलमिल नदी को भी और आकर्षण का केन्द्र बनाने के लिये कार्य योजना में आवश्यक कार्य जोड़े जाएं. इसके साथ ही सम्पूर्ण परिसर को व्यवस्थित करने के साथ-साथ हरा-भरा बनाने की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए.
उन्होंने इस मौके पर परिसर में पांच पौधों का रोपण भी किया. निरीक्षण के दौरान एसडीएम पुष्पा पुषाम, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी राजीव मिश्रा, तहसीलदार मधुलिका सिंह, सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे.
मंदिर के पुजारी ने कलेक्टर को बताई तानसेन की गाथा
कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह जब संगीत सम्राट तानसेन की जन्मस्थली बेहट में शिव मंदिर परिसर पहुंचे तो मंदिर के वयोवृद्ध पुजारी रामप्रसाद ने मंदिर के तिरछे होने के साथ-साथ तानसेन के संबंध में रोचक जानकारी दी.
पुजारी ने बताया कि तिरछे मंदिर के पास लगे पेड़ भी अनेकों वर्ष पुराने हैं. मंदिर के साथ-साथ पेड़ भी तिरछे दिखाई देते हैं. पुजारी ने यह भी बताया कि तानसेन की जन्मस्थली बेहट में वर्ष भर देश-विदेश के संगीतकार आते हैं और दर्शन कर संगीत सम्राट तानसेन के प्रति श्रृद्धांजलि अर्पित करते हैं.
बेहट की गौशाला का अवलोकन
कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने बेहट में पंचायत के द्वारा 27 लाख 62 हजार रूपए की लागत से निर्मित की गई गौशाला का भी अवलोकन किया. उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि गौशाला बनकर तैयार हो गई है.
एक सप्ताह के अंदर इसमें गायों को रखने का कार्य भी शीघ्र प्रारंभ किया जाए. इसके साथ ही गौशाला में भी छोटी-छोटी कमियां हैं उसे भी तत्काल दूर किया जाए. गायों की देखरेख के लिये ग्रामीणों की सहभागिता भी ली जाना चाहिए.
तालाब निर्माण का अवलोकन
कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने बेहट भ्रमण के दौरान जनपद पंचायत के माध्मय से निर्मित किए जा रहे तालाब निर्माण कार्य का भी अवलोकन किया. मनरेगा के तहत रोजगार उपलब्ध कराने के लिये तैयार किए जा रहे तालाब निर्माण में लगे श्रमिकों से भी उन्होंने चर्चा की.
जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी राजीव मिश्रा को निर्देशित किया कि जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिये अधिक से अधिक तालाब निर्माण के कार्य ग्रामीण क्षेत्रो में किए जाएं. सभी गांवों में स्वरोजगार के लिये निर्माण कार्यों के माध्यम से ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराया जाए.
कलेक्टर सिंह ने तालाब निर्माण स्थल के समीप पड़ी खुली भूमि पर वृहद वृक्षारोपण करने के निर्देश भी दिए. इसके साथ ही सभी गांवों में अधिक से अधिक वृक्षारोपण के कार्य को कराने के निर्देश भी दिए.
उन्होंने कहा पर्यावरण संरक्षण के लिये जनभागीदारी से भी अधिक से अधिक वृक्षारोपण हो, इसके लिये जन जागृति अभियान भी ग्रामीण क्षेत्रों में चलाया जाए.

