- राजधानी रांची में सबसे ज्यादा 11840 म्यूटेशन के केस पेंडिंग, रिजेक्ट के मामले में भी रांची अव्वल
- रांची में सबसे अधिक 68450 म्यूटेशन के केस हो चुके हैं रिजेक्ट, 73485 केस का हुआ है निष्पादन
रांचीः झारखंड में म्यूटेशन का हाल बेहाल है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आज की तारीख तक म्यूटेशन के 504994 केस आए। भू-राजस्व विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इसमें सिर्फ 223103 केस का ही निष्पादन हो पाया है। आवश्यक कागजातों की वजह से 230386 केस रिजेक्ट कर दिए गए। फिलहाल 51505 केस पेंडिंग भी हैं।
सात जिलों में 2000 से भी अधिक केस हैं पेंडिंग
राज्य से सात जिलों में 2000 से भी अधिक म्यूटेशन के केस पेंडिंग हैं। इसमें राजधानी रांची में सबसे अधिक 11840 केस पेंडिंग है। इसके अलावा पश्चिमी सिंहभूम में 796, बोकारो में 3213, चतरा में 906, देवघर में 711, दुमका में 152, धनबाद में 5734, पूर्वी सिंहभूम में 1816, गढ़वा में 2964,गिरिडीह में 3438, गोड्डा में 22, गुमला में 1041, हजारीबाग में 5826, जामताड़ा में 56, खूंटी में 762,कोडरमा में 1896, लातेहार में 663, लोहरदगा में 412, पलामू में 3629, पाकुड़ में 1866, रामगढ़ में 1006, साहेबगंज में 521, सरायकेला में 1886 और सिमडेगा में 349 केस पेंडिंग हैं।
सात जिलों में 10 हजार से अधिक केस हुए रिजेक्ट
झारखंड के सात जिलों में 10 हजार से अधिक केस रिजेक्ट हुए हैं। इसमें सबसे अधिक राजधानी रांची में 68459 केस रिजेक्ट हुए हैं। इसके बाद बोकारो में 10025, चतरा में 11777, गिरिडीह में 18651, हजारीबाग में 20212, कोडरमा में 11581 और पलामू में 19809 केस रिजेक्ट हो चुके हैं। इसके अलावा देवघर में 3091, दुमका में 855, पूर्वी सिंहभूम में 5479, गढ़वा में 5960, गोड्डा में 74, गुमला में 2977, जामताड़ा 123, खंटी 4747, लातेहार में 2548, लोहरदगा में 2140,पाकुड़ में 4448, रामगढ़ में 5540, साहेबगंज में 553, सरायकेला में 6766, सिमडेगा में 1526 और पश्चिमी सिंहभूम मे 2141 केस रिजेक्ट कर दिए गए।

