नई दिल्ली: केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि भारत के लिए कोरोना काल ‘सेवा, संयम और संकल्प’ का सकारात्मक समय साबित हुआ है जो कि पूरे विश्व की मानवता के लिए एक उदाहरण बना है.
नकवी ने सोमवार को यहां अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास एवं वित्त निगम (एनएमडीएफसी) द्बारा नयी दिल्ली के होली फैमिली अस्पताल को दी गई.
सभी स्वास्थ्य सुविधाओं से युक्त, अत्याधुनिक मोबाइल क्लीनिक को हरी झंडी दिखाने के अवसर पर कहा कि कोरोना काल में लोगों की जिदगी में परिवर्तन, कार्य संस्कृति में बदलाव एवं देश और समाज की ओर जिम्मेदारी के प्रति नई ऊर्जा पैदा हुई है.
उन्होंने कहा कि इस संकट के समय लोगों के सकारात्मक संकल्प और मोदी सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति का नतीजा रहा कि भारत, स्वास्थ्य के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के पायदान पर तेजी से आगे बढ़ रहा है.
एन-95 मास्क, पीपीई, वेंटीलेटर एवं अन्य स्वास्थ्य सम्बन्धी चीजों के उत्पादन में भारत आत्मनिर्भर भी बना और दूसरे देशों की भी मदद की. आज डेडिकेटेड कोरोना अस्पतालों की संख्या 1054 हो गई है.
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी की शुरुआत के समय हमारे देश में सिर्फ एक टेस्टिग लैब थी, आज 1400 लैब का नेटवर्क है. जब कोरोना का संकट आया तो एक दिन में सिर्फ 300 टेस्ट हो पाते थे, आज हर दिन सात लाख से ज्यादा जांच हो रहे हैं.
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