रांची: राष्ट्र संवर्धन समिति के द्वारा नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 पर रांची के डोरंडा स्थित पलाश सभागार में शनिवार को विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों के मन में इस कानून को लेकर उठे भ्रम की स्थिति को दूर करना था. साथ ही, यह भी बताना था कि नागरिकता संशोधन कानून से किसी भी भारतीय नागरिकों के अधिकारों में कोई कमी नहीं आएगी.

समिति के सचिव अशोक श्रीवास्तव ने कहा कि यह कानून भारत के पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के उन अल्पसंख्यक समुदायों को नागरिकता प्रदान करने में सहायता करेगी, जिनका वहां धार्मिक उत्पीड़न हुआ हो. इस कानून से देश के नागरिकों के अधिकारों में कोई कटौती नहीं होगी.
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ब्रिगेडियर जी पाठक ने कानून के विभिन्न बिंदुओं पर विस्ताार से जानकारी दी. उन्होंने कहा कि इस कानून को लेकर लोगों को गुमराह किया जा रहा है. इस कानून से देश के अल्पसंख्यकों को डरने की कोई जरूरत नहीं है. किसी के अधिकारों का हनन नहीं होगा. इसके सभी प्रावधान संविधान सम्मत हैं. इसका किसी भी धर्म के भारतीय नागरिक से कोई लेना-देना नहीं है.
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि राजेंद्र कृष्णा के अलावा रामदत्त चक्रधर, विवेक भसीन, भैरव सिंह सहित अन्य लोग मौजूद थे. अतिथियों का स्वाागत राजीव कमल बिट्टू, मंच संचालन शालिनी सचदेव और धन्यवाद विवेक भसीन ने किया.

