रांचीः अखिल भारतीय किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष सह पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता ने मंगलवार को प्रेस बयान जारी कर कहा है कि 5 नवंबर को तीन किसान विरोधी कानून एवं बिजली के निजीकरण व मजदूर विरोधी कानून के विरोध में राष्ट्रव्यापी चक्का जाम होगा.
इसके तहत झारखंड में सांकेतिक चक्काजाम, धरना- प्रदर्शन, जुलूस, प्रतिरोध मार्च के साथ केंद्र सरकार का पुतला दहन सभी जिलों प्रखंडों में किया जाएगा. इसके बाद राज्यपाल को मांग पत्र समर्पित किया जाएगा. मुख्यमंत्री को भी मांग पत्र देकर झारखंड विधानसभा के विशेष सत्र बुलाकर किसान मजदूर विरोधी कानून को निरस्त करने की मांग की जाएगी.
उन्होंने कहा कि केंद्र की सरकार लगातार किसान विरोधी, केंद्र सरकार मजदूर विरोधी रवैया अपना रही है, तालाबंदी के बहाने राष्ट्रीय संपदा को मोदी की सरकार बेच रही है, रेलवे स्टेशनों हवाई अड्डा सार्वजनिक संस्थानों को लगातार बेचा जा रहा है, किसान लगातार आत्महत्या कर रहे हैं, केंद्र की सरकार किसानों को धोखा दे रही है और कह रही है कि किसानों की आमदनी दोगुना करेंगे, जिस तरह से आवश्यक वस्तु में संशोधन किया गया, सारे आवश्यक वस्तुओं के दाम आसमान छू चुके, लोगों की क्रय क्षमता समाप्त हो चुकी है, लोगों को रोजगार नहीं मिल रही है, देश की अर्थव्यवस्था लगातार गिर रही है, लेकिन सरकार किसान मजदूर विरोधी रवैया को अपनाते हुए पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने में लगी है, इसीलिए देश के किसानों, किसान फेडरेशन, किसान संघर्ष समन्वय समिति के बैनर तले लगातार आंदोलनरत रहे हैं, उसी के कड़ी में 5 नवंबर को राष्ट्रव्यापी चक्का जाम धरना, प्रदर्शन, पुतला दहन आंदोलन पूरे झारखंड में किया जाएगा.

