रांची: झारखंड सरकार की ओर से नक्सलियों को मुख्य धारा में शामिल कराने के लिए आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति तैयार की गयी है. इसके तहत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों तथा उनके परिवार के पुनर्वास की व्यवस्था की गयी है. इनामी नक्सलियों को सरेंडर करने पर उनके ऊपर रखी गयी राशि को चेक के माध्यम से उनके परिजनों को सौंप दी जाती है, इसके अलावा सरेंडर करने वाले नक्सलियों के बच्चे की पढ़ाई, पालन-पोषण के लिए सहायता राशि के अलावा शहर के आसपास जमीन भी उपलब्ध करायी जाती है,ताकि गांव में रहने पर संगठन के पुराने साथियों से उन्हें कोई खतरा उत्पन्न न हो.
पुनर्वास नीति के तहत सरेंडर करने वाले नक्सलियों को आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए प्रशिक्षण की भी सुविधा उपलब्ध करायी जाती है, इसके अलावा कानूनी सहायता भी उपलब्ध करायी जाती है, ताकि उन्हें अदालत में उनके मामले का त्वरित निष्पादन हो सके. बड़े हार्डकोर नक्सलियों के आत्मसमर्पण करने पर उनके रहने के लिए ओपन जेल की भी व्यवस्था की गयी है, जहां से अपने परिवार के साथ रह सकते हैं.

