रांची: राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन में देशभर के विभिन्न राज्यों में फंसे प्रवासी श्रमिकों की घर वापसी का सिलसिला जारी है. इसी क्रम में रविवार को भी दोपहर 12 बजे तक चार श्रमिक स्पेशल ट्रेन झारखंड के विभिन्न स्टेशनों पर पहुंची. इन चार स्पेशल ट्रेनों से करीब पांच हजार प्रवासी कामगारों की घर वापसी सुनिश्चित हुई है.
महाराष्ट्र के नागपुर से चली श्रमिक स्टेशल ट्रेन आज सुबह दस बजे हटिया स्टेशन पहुंची. इस ट्रेन से रांची, गुमला, धनबाद, साहिबगंज, हजारीबाग और कोडरमा समेत कई अन्य जिलों के लगभग 1250 प्रवासी श्रमिक पहुंचे. सभी प्रवासी श्रमिकों को अपने अपने गृह जिले भेजने के लिए प्रशासन की ओर से लगभग 60 बसों की व्यवस्था की गई थी. बसों के माध्यम से श्रमिकों को जिला मुख्यालय तक भेजा गया. इससे पहले हटिया स्टेशन पर सभी प्रवासी श्रमिकों के लिए अल्पाहार की भी व्यवस्था की गई थी.
इधर, तेलंगाना के लिंगमपल्ली से चलकर रविवार सुबह श्रमिक स्पेशल ट्रेन देवघर जिले के जसीडीह स्टेशन पहुंची. इस श्रमिक स्पेशल ट्रेन से 1602 प्रवासी कामगार जसीडीह पहुंचे. इनमें से सबसे ज्यादा श्रमिक गोड्डा जिले के उसके बाद गिरिडीह जिले के रहने वाले है और देवघर जिला के तथा झारखंड के अन्य जिलों के श्रमिक पहुंचे. स्टेशन पर इन श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण,और थर्मल स्कैनिंग किया गया. उसके बाद उन्हें संबंधित जिलों लिए बसों से रवाना किया गया.
इधर, बेंगलुरु से श्रमिक स्पेशल ट्रेन आज सुबह कोडरमा पहुंची. राज्य के 23 जिलों के 1155 प्रवासी मजदूर स्पेशल ट्रेन से बेंगलुरु से कोडरमा पहुंचे और इन सभी को स्क्रीनिंग के बाद फूड पैकेट और पानी की बोतल दे कर सभी प्रवासियों को बस में बिठा कर उनके गृह जिला के लिए रवाना किया गया.
इस बीच महाराष्ट्र के पनवेल से करीब 1600 मजदूर आज स्पेशल श्रमिक ट्रेन से डालटनगंज पहंचे. महाराष्ट्र से लौटी बोकारो के गोमिया प्रखंड की रूपा कुमारी स्टेशन पर ही अचानक प्रसव की पीड़ा से परेशान हो गयी. रेलवे और जिला प्रशासन की टीम ने तुरंत महिला को डालटनगंज स्थित पीएमसीएच पहुंचाया जहां महिला ने अहले सुबह सुरक्षित रूप से पुत्र को जन्म दिया. जिला समाज कल्याण पदाधिकारी-सह-सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा आफताब आलम द्वारा जानकारी दी गई कि पनवेल से आने वाले सभी श्रमिक भाइयों को होम क्वारंटाइन में भेजा जाएगा. जहां उन्हें 14 दिनों तक होम क्वारंटाइन का अक्षरशः पालन करना अनिवार्य होगा.

