रांची: प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने कहा है कि वैश्विक कोरोना महामारी के दौरान झारखंड में भारतीय जनता पार्टी नेताओं के सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने और नफरत का वायरस फैलाने की कोशिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा, इसके लिए पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी की ओर से आज संगठन के कार्यकर्त्ताओं को विशेष सतर्क रहने का निर्देश जारी किया गया है.
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि पार्टी की ओर से राज्य सरकार से यह मांग की गयी है कि कोरोना संक्रमित मरीज की फोटो सार्वजनिक कर कानून का उल्लंघन करने वाले गोड्डा के सांसद निशिकांत दूबे और रांची के हिंदपीढ़ी क्षेत्र के कोरोना प्रभावित क्षेत्र में अनाज और सहायता उपलब्ध कराने पर सवाल उठाने पूर्व मंत्री और विधायक सीपी सिंह के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में घर में बैठकर अनर्गल बयानबाजी करने वाले भाजपा के अन्य नेताओं के खिलाफ भी पुलिस-प्रशासन को ठोस कार्रवाई करनी चाहिए.
आलोक कुमार दूबे ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा बिना कोई योजना बनाये या राज्य सरकार से विचार-विमर्श के बिना पूरे देश में लॉकडाउन लागू कर दिया. लॉकडाउन फेज-1 में ही एक अनुमान के मुताबिक 12 करोड़ करोड़ लोग बेरोजगार हो चुके हैं, ऐसी परिस्थिति में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा आज वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम बुलायी गयी कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में केंद्र सरकार की ओर से प्रत्येक परिवार को 7500 रुपये उपलब्ध कराने की मांग की गयी है.
उन्होंने यह भी बताया कि कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में संघीय ढांचे में केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय के अभाव पर भी चिंता व्यक्त की गयी है. खासकर केंद्र सरकार झारखंड जैसे गैर भाजपा शासित राज्यों के साथ सौतेलापूर्ण व्यवहार कर रही है. उन्होंने कहा कि झारखंड की इस तरह से उपेक्षा की जा रही है कि कोविड-19 से निपटने के लिए पर्याप्त संख्या में आवश्यक स्वास्थ्य किट उपलब्ध कराने की जिम्मेवारी का भी केंद्र सरकार निर्वहन नहीं कर रही है. वहीं संकट की इस घड़ी में जीएसटी बकाया के भुगतान में भी जानबूझ कर विलंब किया जा रहा है, साथ ही केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों पर हजारों करोड़ बकाया भुगतान के लिए केंद्र सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गयी.

