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लोकमान्य तिलक के राष्ट्रवाद से आज भी प्रेरणा लेने की आवश्यकता: रामेश्वर उरांव

by bnnbharat.com
September 19, 2020
in समाचार
रामेश्वर उरांव ने शहीद जवान कुलदीप उरांव की शहादत को किया नमन
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रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सह खाद्य आपूर्ति तथा वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने कहा कि लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक का राष्ट्रवाद हमें बताता है कि हमेशा देश प्रथम होना चाहिए. स्वराज की जो लहर कांग्रेस ने शुरू की थी लोकमान्य तिलक उसके बहुत बड़े खेवईया बनकर उभरे यह देश की धरोहर है हम सबको इन्हें संजोना है.

प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डा रामेश्वर उरांव आज राष्ट्र निर्माण की अपने महान विरासत कांग्रेस की श्रृंखला धरोहर की ग्यारहवीं वीडियो को अपने सोशल मीडिया व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, फेसबुक एवं ट्विटर पर जारी पोस्ट को शेयर करने के उपरांत मीडिया कर्मियों से बातचीत के दौरान अपने उद्गार व्यक्त कर रहे थे.

उन्होंने कहा कि 1906 के कांग्रेस अधिवेशन से शुरू हुई स्वराज्य की लहर 1916 आते-आते पूरे देश में अपना प्रभाव जमा चुकी थी. 1916 के होमरूल लीग आंदोलन से इस लहर के नए प्रणेता बनकर उभरे भारतीय राष्ट्रवाद के पुरोद्धा कांग्रेस नेता लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक. राष्ट्रवाद की ऐसी खनकती, दमकती आवाज जिन्होंने अंग्रेजी हुकूमत की आंख में आंख डालकर कहा स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा.

1916 में एक तरफ लोकमान्य तिलक जी ने होम रूल की स्थापना की वहीं दूसरी तरफ एनी बेसेंट ने 1916 का यह साल भारतीय इतिहास में होमरूल यानी स्थानीय नागरिकों की शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में याद किया जाता है. इस आंदोलन ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को आक्रामक बना दिया होमरूल आंदोलन अपने स्वभाव में भले ही आक्रमक था लेकिन इसमें हथियारों के प्रयोग की अनुमति नहीं थी.

लोकमान्य तिलक के आंदोलन का भी मूल आधार अहिंसा ही था, उन्होंने टुकड़ियाँ बनाकर देश भर में होमरूल का प्रचार प्रसार किया और जनता को सुशासन का मतलब समझाया. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ रामेश्वर उरांव ने विस्तारपूर्वक बताते हुए कहा लोकमान तिलक जी के उन दिनों बढ़ते प्रभाव से अंग्रेज भयभीत हो रहे थे. चूंकि होमरूल लीग का भी उद्देश्य कांग्रेस की तरह स्वराज्य प्राप्ति था, इसलिए होमरूल लीग का कांग्रेस में विलय हो गया और दोनों एक ही रास्ते से आजादी की मंजिल की ओर निकल पड़े.

इसी के साथ भारतीय उपमहाद्वीप में कांग्रेस की ताकत और प्रभाव दोनों बढ़ते जा रहे थे. विलय से पहले गांधीजी इंडियन होम रूल लीग के अध्यक्ष रह चुके थे . होम रूल आंदोलन ने अंग्रेजी हुकूमत को साफ संकेत दे दिया कि अगर लोगों ने एक साथ आने का फैसला कर लिया तो वह कुछ भी हासिल कर सकते हैं. आज भी हमें लोकमान्य तिलक के राष्ट्रवाद से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है जहां राष्ट्र ही सर्वप्रथम हो, जहां देश के लोगों की उन्नति, खुशहाली और भाईचारा ही सबकुछ हो. कांग्रेस इसी  राष्ट्रवाद की ध्वज वाहक बन कर उभरी जहां से आजादी का सपना साकार हो सका.

कांग्रेस विधायक दल नेता आलमगीर आलम ने कांग्रेस की धरोहर ग्यारहवीं वीडियो को अपने सोशल मीडिया हैंडल फेसबुक ट्विटर व्हाट्सएप इंस्टाग्राम पर जारी करते हुए कहा कि होमरूल आंदोलन के दौरान बाल गंगाधर तिलक को काफी प्रसिद्धि मिली जिस कारण उन्हें लोकमान्य की उपाधि मिली थी. इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य भारत में स्वराज स्थापित करना था, होमरूल लीग भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की सहायक संस्था की भांति कार्यरत हो गई. इस आंदोलन का उद्देश्य स्वराज की प्राप्ति था परंतु इस आंदोलन में शस्त्रों के प्रयोग की अनुमति नहीं थी, होमरूल की सबसे बड़ी उपलब्धि यह भी रही कि इसने भावी राष्ट्रीय आंदोलन के लिए जुझारू योद्धा तैयार किए जिसे जीवन पर्यंत संजोकर रखना हमारी जिम्मेदारी है.

झारखंड सरकार में कांग्रेस के मंत्री बादल  एवं बन्ना गुप्ता ने धरोहर वीडियो को जारी करते हुए कहा लोकमान्य तिलक के होम रूल आंदोलन ने सोते हुए भारतीयों को जगाया और उनमें पूर्ण जागृति का संचार किया . इसने राष्ट्रीय आंदोलन को नई गति प्रदान की और सरकार को नई सुधार योजना लागू करने के लिए विवश किया . अखिल भारतीय होमरूल लीग एक राष्ट्रीय राजनीतिक संगठन था जिसकी स्थापना बाल गंगाधर तिलक ने 1916 में भारतीय स्वशासन के लिए राष्ट्रीय मांग का नेतृत्व किया कांग्रेस पार्टी अपने बुजुर्गों और देश के लिए किए गए कार्यों को कभी जीते जी भूल नहीं सकती. आजादी पाने के लिए हमारे महान विभूतियों ने जो कुर्बानियां और बलिदान दी हैं इस धरोहर वीडियो के माध्यम से देश की जनता देख रही है .

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे, लाल किशोर नाथ शाहदेव एवं डॉ राजेश गुप्ता छोटू ने अपने सोशल मीडिया के माध्यम से धरोहर वीडियो की ग्यारहवीं कड़ी को झारखंड की जनता के नाम समर्पित करते हुए कहा है कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा धरोहर वीडियो की आज जारी 11वीं कड़ी में बाल गंगाधर तिलक के योगदान को हम याद कर रहे हैं.

बाल गंगाधर तिलक एक भारतीय राष्ट्रवादी शिक्षक ,समाज सुधारक, वकील और एक स्वतंत्रता सेनानी थे. ब्रिटिश औपनिवेशिक प्राधिकारी उन्हें भारतीय अशांति के पिता कहते थे ,उन्हें लोकमान्य का आदरणीय शीर्षक भी प्राप्त हुआ जिसका अर्थ है लोगों द्वारा स्वीकृत. स्वाधीनता के लिए प्राणोंत्कर्म करने वाले ,सर्वस्व समर्पित करने वाले असंख्य क्रांतिकारियों, अमर दुतात्माओं को कभी यह देश भूल नहीं सकता है.

लोकमान्य का होम रूल लीग आंदोलन ने भारत वासियों की एक अलग पहचान बना दी थी.तिलक जी ने देशवासियों के साथ मिलकर जो काम किया वह इतिहास के लिए भी और पूरी दुनिया के लिए भी अविस्मरणीय घटना है और उसी मार्ग पर कांग्रेस पार्टी और देश आगे बढ़ रही है. कांग्रेस प्रवक्ताओं ने कहा धरोहर वीडियो के माध्यम से कांग्रेस के किए गए कार्यों को देश की जनता के सामने लाने का काम किया जा रहा है यह श्रृंखला आगे भी जारी रहेगी.      

प्रदेश कांग्रेस कमेटी सोशल मीडिया के कोऑर्डिनेटर गजेंद्र प्रसाद सिंह के नेतृत्व में हजारों काग्रेस के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, विधायक ,सांसद, मंत्रियों ने धरोहर वीडियो को अपने सोशल मीडिया के माध्यम से जनता के समक्ष प्रेषित किया है जो काफी ट्रेंड कर रहा है. 

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नेता निरंजन पासवान,प्रवक्ता अमूल्य नीरज खलखो ,सुखेर  भगत, सन्नी टोप्पो,सतीश पाल मुंजीनि,केदार पासवान, फिरोज रिजवी मुन्ना, सोनी नायक, विनीता पाठक, राखी कौर, देवजीत देवघरिया, जितेंद्र त्रिवेदी विभक शाहदेव ,कुमुद रंजन,अभय सिंह सहित सैकड़ों हजारों कार्यकर्ताओं ने धरोहर वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर किया.

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