दिल्ली: कोरोना वायरस संकट के बीच NEET और JEE परीक्षाएं करवाए जाने पर उठाए जा रहे सवालों पर केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने सरकार का बचाव किया है. एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि बहुत सारे अभिभावकों और स्टूटडेंट्स का हम पर दबाव रहा है.
इस इंटरव्यू को बीजेपी ने अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर भी किया है. इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि स्टूडेंट और अभिभावक लगातार NEET और JEE की परीक्षा के लिए दबाव डाल रहे थे.
शिक्षामंत्री ने इंटरव्यू में कहा कि छात्र बहुत चिंतित थे. उनके दिमाग में यह सोच थी कि वे कितने समय तक पढ़ना जारी रखेंगे?” निशंक ने कहा, “जेईई के लिए पंजीकृत 8.58 लाख छात्रों में से 7.25 लाख उम्मीदवारों ने अपने एडमिट कार्ड डाउनलोड कर लिए हैं. हम छात्रों के साथ हैं, उनकी सुरक्षा पहले, फिर उनकी शिक्षा.
सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा कि पूरा शैक्षणिक सत्र बर्बाद नहीं किया जा सकता. दो बार स्थगन के बाद तारीख फाइनल की गई है. 85 फीसदी JEE उम्मीदवारों ने अपने एडमिट कार्ड भी डाउनलोड कर लिए हैं.
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान में प्रवेश के लिए जॉइन्ट एंट्रेंस एग्जाम (JEE) और मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए नेशनल इलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) अगले महीने आयोजित होने वाली है.

