बेतिया: बेतिया जिला अन्तर्गत वाल्मीकिनगर बैराज की मरम्मत को लेकर नेपाल की ओर से उत्पन्न गतिरोध के चलते बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. तीन दिन पहले दोनों देशों के अधिकारियों के बीच चौथी बैठक में भी गतिरोध दूर नहीं हो पाने से बैराज के फाटक की मरम्मत के साथ बांध के अनुरक्षण का काम अटक गया है.
यूपी के कुशीनगर व महराजगंज तथा बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के अलावा नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र को गंडक नदी की बाढ़ से बचाव के लिए भारत-नेपाल सीमा पर वाल्मीकिनगर बैराज (पुल) बना है. इसका आधा हिस्सा नेपाल में पड़ता है. नेपाल के हिस्से में बैराज का फाटक खराब है. अब तक उसकी मरम्मत नहीं हो सकी है. इसके अलावा पुल के साथ नहर प्रणाली की सुरक्षा के लिए बने बांध की मरम्मत की अनुमति भी नेपाल सरकार नहीं दे रही है.
अभियंता इस बात से आशंकित हैं कि अगर समय से अनुरक्षण नहीं हुआ और बांध टूट गया तो व्यापक क्षति होगी. इसके लिए 18 जून को चौथी बार वाल्मीकि नगर गंडक बैराज पर दोनों देशों के अधिकारियों के बीच बैठक हुई थी.
उस बैठक में नेपाल की तरफ से अभियंता टीबी ठकुरी, तारा सिंह, विकास कुमार व भारत की तरफ से गंडक बैराज के कार्यपालक अभियंता जमील अहमद व प्रमोद कुमार आदि शामिल हुए थे.
कार्यपालक अभियंता जमील अहमद ने बताया कि कोरोना संक्रमण के कारण सीमा सील होने की बात कहकर नेपाली अधिकारी बार्डर पार कर मरम्मत की अनुमति नहीं दे रहे हैं. इस पर चौथी बैठक में भी निर्णय नहीं हो सका.

