BnnBharat | bnnbharat.com |
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
BnnBharat | bnnbharat.com |
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

पांच साल में विकास को मिली नयी रूपरेखाः समीर

by bnnbharat.com
December 14, 2019
in Uncategorized
पांच साल में विकास को मिली नयी रूपरेखाः समीर

पांच साल में विकास को मिली नयी रूपरेखा

Share on FacebookShare on Twitter

रांचीः भाजपा सांसद समीर उरांव ने कहा कि भाजपा की रघुवर सरकार ने पांच साल के कार्यकाल में विकास की नयी रूपरेखा तैयार कर उसपर बखूबी काम किया. जाति-धर्म से ऊपर उठकर विकास करने का काम किया.

वर्ष 2014 के पहले उपेक्षित रहे आदिम जनजाति के लोगों तक योजनाओं का लाभ कैसे पहुंचे इसपर कई प्रयास किये गए, कई योजनाओं की शुरुआत की गई , जिसका लाभ भी देखने को मिल रहा है.

उन्होंने कहा कि राज्य में झारखंड पुलिस में पहाड़िया समुदाय के लिए दो बटालियन का गठन किया गया. यह पहल पहली बार की गई. यही नही पहली बार आदिम जनजातियों के परिवारों को मुख्यमंत्री डाक योजना के तहत 35 किलो अनाज प्रत्येक माह उनके घर तक पहुंचाया गया.

इस योजना के माध्यम से 73,386 परिवारों को

मिल रहा लाभ

उरांव ने कहा कि रघुवर सरकार ने संथाली पांडुलिपि को सरकारी मान्यता दी और इसे प्रोत्साहित भी की जा रही है. इसके अलावा संथालों के प्रमुख तीर्थस्थल लुगुबुरु घण्टबाड़ी को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कर यहां लगने वाले मेले को राजकीय मेले का दर्जा दे दिया गया.

आज तक हेमंत सरकार ने इनके बारे में कभी सोचा तक नहीं. उन्होंने कहा कि रघुवर सरकार ने पहली बार आदिम जनजाति टोलों के लिए पेयजल आपूर्ति योजना चलाई गई, इसके लिए सरकार ने 136 करोड़ रुपये की लागत तय की गई है.

 2251 आदिम जनजाति टोलों के लोगों को मिलेगा लाभ

उरांव ने भाजपा के घोषणा पत्र की चर्चा करते हुए कहा कि सरकार ने अपने घोषणा पत्र में आदिम जनजातियों के लिए कई नई योजनाएं ला रही है.

उन्होंने कहा कि हर साल जनजाति महोत्सव का आयोजन की जाएगी, जहां जनजाति इतिहास मुद्दों और गौरव के बारे में लिखने वाले देशभर के लेखक कवि जनजातीय संस्कृति और भाषाओं को मानने वाले सभी एक साथ शामिल होंगे.

इसके अलावा राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जनजातीय कला संगीत और साहित्य को बढ़ावा दी जाएगी. जनजातीय महिलाओं के पुराने और नए स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रुपये तक रियायती दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा.

जनजातीय शोध संस्थान के अधीन एक जनजातीय लोक कला और साहित्य प्रकोष्ठ के गठन भी किया जाएगा।

Share this:

  • Click to share on Facebook (Opens in new window)
  • Click to share on X (Opens in new window)

Like this:

Like Loading...

Related

Previous Post

संथाल में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ी : नूतन तिवारी

Next Post

अवैध कोयला लोड करते ट्रक और ट्रैक्टर जब्त

Next Post
अवैध कोयला लोड करते ट्रक और ट्रैक्टर जब्त

अवैध कोयला लोड करते ट्रक और ट्रैक्टर जब्त

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Privacy Policy
  • Admin
  • Advertise with Us
  • Contact Us

© 2025 BNNBHARAT

No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

© 2025 BNNBHARAT

%d