नई दिल्ली: कोरोना वायरस के प्रसार की जांच के लिए दिल्ली के हर घर में 6 जुलाई तक एक नई योजना के तहत जांच की जाएगी. दिल्ली में देश में कोरोना वायरस के मामलों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. मंगलवार को यहां पर एक दिन में 3,947 नए मामले पाए गए जोकि एक दिन में किसी भी राज्य द्वारा अबतक सबसे अधिक है.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री के बीच पिछले हफ्ते हुई बैठकों के बाद अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 30 जून तक सभी जोन के घरों की जांच की जाएगी. लगभग 66,000 कोरोनो वायरस मामलों के साथ दिल्ली में 261 कंटोंमेंट जोन हो गए हैं. इन मोहल्लों में निगरानी को मजबूत किया जाएगा, जिन्हें कोरोना प्रसारण की सीरीज तोड़ने के लिए सील कर दिया गया है.
दिल्ली सरकार ने कहा, ‘2,500 से अधिक नए मामले और 75 मौतें (प्रतिदिन) हो रही हैं. दिल्ली ने रविवार को तमिलनाडु को पछाड़ दिया, क्योंकि महाराष्ट्र के बाद यह महामारी का दूसरा सबसे बड़ा राज्य बन गया है. राष्ट्रीय राजधानी में अबतक कोविड-19 से जुड़ी 2,000 से अधिक मौतें हो चुकी हैं.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और अरविंद केजरीवाल ने कोविड-19 की स्थिति पर एक हफ्ते में तीन बार मुलाकात की. संशोधित रणनीति के अनुसार अब सख्त निगरानी योजना जिला-स्तर पर लागू की जाएगी. जिलों में COVID-19 टास्क फोर्स – जो पहले केवल जिला मजिस्ट्रेटों द्वारा देखरेख की जाती थी उसमें MCD (दिल्ली नगर निगम), जिला पुलिस आयुक्त, नागरिक निकाय के अधिकारी, महामारी विज्ञानी और आरोग्य सेतु ऐप की निगरानी के लिए आईटी पेशेवर होंगे.
राज्य सरकार ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि आरोग्य सेतु ऐप सभी द्वारा डाउनलोड किया जाए, खासकर सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में. घनी आबादी वाले क्षेत्रों में मरीजों को कोविड-19 केंद्रों में भेजने की व्यवस्था की जाएगी. राष्ट्रीय राजधानी में कोरोनो वायरस की व्यापकता का अनुमान लगाने के लिए सर्वेक्षण के एक हिस्से के रूप में बीस हजार नमूने एकत्र किए जाएंगे, जो शनिवार (27 जून) को शुरू होंगे. नतीजे 10 जुलाई को जारी किए जाएंगे.
जिंजर होटल और ट्यूलिप होटल हेल्थकेयर वर्कर्स के लिए कोविड केयर सेंटर्स के रूप में समर्पित किए गए हैं. रविवार को केंद्र ने दिल्ली सरकार से हर मौत की रिपोर्ट देने को कहा, क्योंकि अमित शाह एक हफ्ते में तीसरी बार अरविंद केजरीवाल से मिले. भारत में कोरोना वायरस मरीजों की संख्या 4.56 लाख तक पहुंच गई है.

