नई दिल्ली: केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री राम विलास पासवान ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम यानी एनएफएसए (NFSA) लाभार्थियों को पोषक तत्व युक्त चावल उपलब्ध कराने हेतु सरकार ने 15 राज्यों के एक-एक जिले में राइस फोर्टिफिकेशन की पायलट योजना शुरू की है. इसके तहत महाराष्ट्र, गुजरात और आंध्र प्रदेश के चुने हुए जिलों में पौष्टिक चावल का वितरण शुरू हो गया है.
बता दें कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम यानी एनएफएसए (NFSA) के तहत देश के करीब 81 करोड़ राशन कार्डधारकों को सस्ता अनाज उपलब्ध कराया जाता है.
पौष्टिक चावल वितरण का काम ओडिशा और उत्तर प्रदेश में बहुत जल्द शुरू जाएगा. अन्य राज्यों को भी जल्द से जल्द इसे शुरू करने के लिए कहा गया है. आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन बी12 युक्त पौष्टिक चावल से कुपोषण और खून की कमी को दूर किया जा सकता है.
पासवान ने भारतीय खाद्य निगम (FCI) को सरकारी स्कीम्स के तहत अनाज की जरूरतों को पूरा करने के लिए चार महीने का अनाज देश के हर कोने में पहुंचाने का आदेश दिया है. केंद्रीय मंत्री ने बरसात के मौसम में ट्रांसपोर्ट को लेकर पैदा होने वाली परेशानी को देखते हुए एफसीआई को यह आदेश दिया है.
पासवान ने ट्वीट के जरिए कहा कि बरसात का मौसम शुरू हो रहा है. इसको देखते हुए खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग और एफसीआई (FCI) को आदेश दिए गए हैं कि देश के हर कोने तक अगले चार महीने का पर्याप्त अनाज मिशन मोड में जल्द से जल्द पहुंचा दिया जाए, ताकि बरसात में कहीं भी खाद्यान्न की कमी न हो.
रबी सीजन 2020-21 के लिए तय खरीद लक्ष्य के तहत किसानों से गेहूं और धान की खरीद जारी है. FCI ने 13 जून तक 378.40 LMT गेहूं की खरीद की है. रबी सीजन में 116.24 LMT धान की खरीद के साथ 2019-20 सीजन में अब तक कुल 735.81 LMT धान की खरीद हो चुकी है.

