रांची:- बिरसा कृषि विश्वविद्यालय मुख्यालय में नववर्ष पर मिलन समारोह आयोजित किया गया. समारोह की शुरुआत बीएयू कुलगीत से हुई. इस अवसर पर कुलपति डॉ ओंकार नाथ सिंह ने अपनी प्राथमिकताएं गिनाई. नये साल में नियमों के अधीन विश्वविद्यालय में कार्यरत मौसमी एवं गैर मौसमी आकस्मिक मजदूर, अध्ययनरत छात्रों और पेंशन कर्मियों के समस्याओं के निराकरण को पहली प्राथमिकता बताई. शिक्षण की गुणवत्ता में सुधार को सर्वोच्च प्राथमिकता और शिक्षकों को अग्रणी कृषि विश्वविद्यालयों एवं अनुसंधान संस्थानों का दौरा करने के लिए प्रोत्साहित करने की बात कही.
कुलपति ने बीएयू से विकसित सभी तकनीक, किस्म और जानवरों की नस्लों वाली ‘बास्केट ऑफ टेक्नोलॉजीज’ नामक एक दस्तावेज अगले 3-4 महीनों में लाने की बात कही. विस्तार शिक्षा के क्षेत्र में 85% से अधिक किसान छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता देने की बात दोहराई. उन्होंने न्यू ईयर रेजोल्यूशन के तहत बीएयू कैंपस को सिंगल यूज प्लास्टिक फ्री कैंपस बनाने का संकल्प जताया. उन्होंनने 31 जनवरी तक अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति करने का भरोसा दिलाया. नियम के तहत आकस्मिक मजदूरों का मानदेय बढ़ाने की बात कही.
नववर्ष के अवसर पर विश्वविद्यालय में पहली बार कुलपति ने नवंबर एवं दिसंबर में सेवानिवृत्त कर्मियों में जेपी कंडुलना, कैलाश उरांव, सेंद्रेल्ला लकड़ा, सुशीला सिंह, बालकु महतो एवं अघनु महतो को भविष्य निधि राशि का चेक सौपा. कुलपति ने निदेशालय प्रसार शिक्षा द्वारा प्रकाशित बिरसा किसान डायरी-2021 और टेलीफोन डायरेक्टरी का विमोचन किया. निदेशक प्रशासन राकेश रौशन ने पदाधिकारियों एवं सभी विश्वविद्यालय कर्मियों का स्वागत करते हुए विश्वविद्यालय में बाधारहित वातावरण के लिए नियमों-परिनियमों का पालन और कुलपति के सकारात्मक प्रयासों में हर संभव सहयोग देने की बात कही.
डायरेक्टर एक्सटेंशन डॉ जगरनाथ उरांव ने नए रूप रंग, कलेवर एवं अद्यतन कृषि तकनीकी से युक्त बिरसा किसान डायरी को प्रदेश के किसानों एवं कृषि से जुड़े लोगों के लिए उपयोगी बताया. समारोह का संचालन श्रीमती शशि सिंह ने और धन्यवाद रजिस्ट्रार डॉ नरेंद्र कुदादा ने किया. समारोह में विश्वविद्यालय के डीन, डायरेक्टर, एसोसिएट डायरेक्टर, प्रोफेसर, टीचर, स्टाफ एवं आकस्मिक मजदूरों ने भारी संख्या में भाग लिया. समारोह का समापन राष्ट्र गान से किया.

