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नवनियुक्त चिकित्सकों से गरीबों, ग्रामीणों की सेवा की उम्मीदः स्वास्थ्य मंत्री

by bnnbharat.com
December 30, 2020
in समाचार
आपदा प्रबंधन मंत्री ने सभी छठ घाटों में सुरक्षा-व्यवस्था दुरुस्त करने का दिया निर्देश
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चार बाद डॉक्टरों को की हुई बहाली, 43 एमओ,44 एसएमओ तथा 280 चिकित्सकों को मिला नियुक्ति पत्र 

रांची:- रांची के नामकुम आर.सी.एच स्थित आईपीएच सभागार में बुधवार को एन0एच0एम0 द्वारा नियुक्त 43 एमओ, 44 एसएमओ तथा जेपीएससी द्वारा नियुक्त 280 चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र का वितरण किया गया. इस अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि कोविड-19 प्रकोप के दौरान सरकारी स्वास्थ्य सेवा से जुड़े लोगों के समर्पण के लिए उन्हें बधाई देते हुए कहा कि नए चिकित्सकों से हमारी सरकार को उम्मीद है कि सभी नवनियुक्त चिकित्सक प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा अपने पदस्थापित केन्द्रों में गरीबों, ग्रामीणों को सेवा देंगे और सरकार के स्तंभ के रूप में काम करेंगे. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि उनसे अपेक्षा है कि वो झारखंड के विकास में काम करेंगे.

उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव डॉ नितिन कुलकर्णी ने कहा कि वर्ष 2015 के बाद चिकित्सकों की नियुक्ति की जा रही है. ये राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए शुभ संकेत है. उन्होंने कहा कि इस पेशे में आधे लोग इसलिए आते हैं कि उन्हें काम नहीं करना पड़े और आधे लोग इसलिए कि शादी में उनके दहेज का रेट बढ़ जाए. डॉ कुलकर्णी ने कहा कि नियुक्त होने वाले चिकित्सकों को बहुत सोच समझ कर पोस्टिंग दी गयी है. आपको ग्रामीण क्षेत्र में काम करना है. आप लोगों के पारिवारिक जीवन में कोई असर नहीं पड़े इसलिए पति और पत्नी चिकित्सकों को एक ही जिले में पोस्टिंग दी गयी है. उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में कोई मरीज आए तो अस्पताल में आप उपस्थित रहें और ग्रामीणों की सेवा करें.

प्रधान सचिव ने कहा कि कोविड-19 प्रकोप के दौरान चार महीनों तक केवल सरकारी अस्पताल ही अपनी सेवा देते रहे. उस दौरान लगभग सभी निजी अस्पताल बंद थे. सरकारी अस्पतालों में मरीजों का इलाज हो रहा था, बच्चों की डिलिवरी हो रही थी. उन्होंने चिकित्सकों से कहा कि आप नए लोग हैं नए सोच के साथ काम करें.

इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक  रविशंकर शुक्ला ने कहा कि झारखंड में चिकित्सकों की संख्या में सुधार की गुंजाइश है. इसी का प्रयास करते हुए एन0एच0एम0 तथा विभाग द्वारा चिकित्सकों की नियुक्ति की जा रही है. उन्होंने कहा कि जहां चिकित्सकों की पोस्टिंग की गयी है अपने कर्तव्य का पालन करें और सरकार के सिस्टम के अंतगर्त काम करें.

इस अवसर पर वैश्विक महामारी कोविड-19 के नियंत्रण तथा रोकथाम में योगदान के लिए डॉ मनोज कुमार, एच.ओ.डी. माइक्रोबायोलॉजिस्ट, डॉ प्रवीण कर्ण, स्टेट इपिडेमोलॉजिस्ट, आई.डी.एस.पी. तथा तेजकरण चारण, सीएम हेल्थ एडवाइजर को प्रशस्ति प्रमाण पत्र प्रदान किया गया.

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