नई दिल्ली: निर्भया मामले में चारों दोषियों में से एक पवन कुमार गुप्ता की उस याचिका को दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने खारिज कर दिया, जिसमें उसने कहा था कि वह गवाह था और उसका बयान विश्वसनीय नहीं था.
बता दें कि सामूहिक गैंग रेप जिसे निर्भया केस के नाम से जाना जाता है उसके चारों दोषियों की फांसी की तारीख मुकर्रर हो चुकी है. इसके बाद से चारों दोषी कोई ना कोई दांव चलकर अपनी फांसी की सजा को टलवाने या कम करवाने की हर एक जुगत लगा रहे हैं. दिल्ली की एक कोर्ट ने दोषियों को फांसी देने के लिए गुरुवार को नया डेथ वारंट जारी किया. इस डेथ वारंट के हिसाब से चारों दोषियों को अब 20 मार्च को फांसी की सजा होनी है.
वहीं अब चारों दोषियों में से एक पवन गुप्ता ने दिल्ली की अदालत का रुख किया, जिसमें मंडोली जेल के दो पुलिस कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई, उसमें उसने कथित रूप से आरोप लगाया है कि जेल में उसको लाठी, डंडों से पीटा गया था और मुक्कों से सिर पर वार किया गया था जिसके कारण उसके सिर में खासी चोटें लगी थीं, वहीं इस मामले पर कोर्ट ने नोटिस जारी कर जेल प्रशासन से जवाब मांगा है.

