मध्यप्रदेश: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पहल पर आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के लिये रोडमेप तैयार करने के लिये शनिवार को भोपाल में सुशासन विषय पर वेबिनार आयोजित किया गया.
भविष्य में सुशासन के परिवर्तनकारी नियोजन प्रक्रिया के लिए मध्यप्रदेश शासन नीति आयोग के साथ सहयोगात्मक और परामर्श की प्रक्रिया को अपनाएगा.
राज्य शासन द्वारा तीन वर्षीय एक्शन प्लान तैयार किया जा रहा है जो चार प्रमुख क्षेत्र अधोसंरचना, सुशासन, स्वास्थ्य एवं शिक्षा तथा अर्थव्यवस्था और रोजगार पर आधारित है. इसके लिये विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों से परामर्श किया जा रहा है.
कोविड-19 महामारी के बावजूद सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के उपयोग से 7 से 11 अगस्त के मध्य चार प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर आधारित चार वेबिनार आयोजित किए जा रहे हैं.
मध्यप्रदेश शासन के गृह, लोक स्वास्थ्य, श्रम एवं नर्मदा घाटी विकास के अपर मुख्य सचिव अपनी टीम के साथ इन वेबिनार्स का नेतृत्व कर रहे है. चार समूहों को 18 उप-समूहों में बांटा गया है.
उप-समूह के भारत शासन के प्रतिनिधि, नीति आयोग, एम.आई.पी., आई. आई. एम., आई.आई.टी, आई.एस.बी., एन.आई.एस.जी., एस.पी.ए., श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउडेंशन, रामभऊ महालगी प्रबोधिनी, क्रोन्सटेड, इन्डो-यूस-वाशिंगटन आई.सी.ई.पी.ए.सी., डब्ल्यू.एच.ओ., यू.एन.डी.पी., वर्ल्ड बैंक के प्रतिनिधि, ई.एण्ड.वाई. तथा पी.डब्ल्यू.सी कन्सलटेन्सी फर्म, प्राइवेट सेक्टर के आई.वी.एम., टेक महिन्द्रा, एल एण्ड टी, सी.एम.आर. एन्फ्रा, वेलस्पन, विप्रो, आर.आई.एल., अडानी पॉवर, ग्रांट थॉरटन आदि शामिल हैं.
इसमें भोपाल स्थित अटल बिहारी वाजपेयी इंस्टीट्यूट फॉर गुड गवर्नेंस तथा पॉलिसी एनालिसिस (ए.आई.जी.पी.पी.ए) एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. इसके द्वारा उप-समूहों के लिए सभी सुविधाएं प्रदान की जा रही है.
उप समूह द्वारा अपने फोकस क्षेत्रों के मंथन के उपरांत वेबिनार के दौरान वर्तमान स्थिति, अनुरूप परिणाम तथा परिणामों को प्राप्त करने की रणनीति, विभिन्न हितधारकों की भूमिका के साथ प्रस्तावित समय-सीमा पर केन्द्रित एक्शन प्लान तैयार किया जा रहा है.
समूहों द्वारा मापने योग्य परिणाम संकेत तथा के.पी.आई. को अल्पकालिक, मध्यम अवधि और दीर्घकालिक लक्ष्यों के साथ प्रस्तावित किया जायेगा. योजनाओं के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधनों की रूपरेखा भी तैयार किया जायेगा.
अंत में उप-समूहों द्वारा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के अगले तीन वर्षों के समावेशी विकास की रणनीति के आधार का प्रस्तुतीकरण किया जायेगा.

