रांची: राजधानी रांची के डोरंडा स्थित मेकॉन कॉलोनी से कुछ बच्चों को अगवा करने की बातें सामने आ रही थी. जिसे डोरंडा थाना प्रभारी रमेश कुमार सिंह ने स्पष्ट करते हुए कहा कि बच्चों को अगवा करने की कोशिश नहीं की गई थी. बच्चे अपनी मर्जी से बेड़ो गए थे.
थाना प्रभारी ने बताया कि घरवालों की डांट से बचने के लिए बच्चों ने मनगढ़ंत कहानी बनायी. बच्चे घर से पैसे लेकर अपनी मर्जी से रांची के रातू स्थित फन कैसल पार्क जाने के लिए निकले थे और गलती से अरगोड़ा चौक से बेड़ो जानेवाले ऑटो में बैठक गये. बेड़ो पहुंचने के बाद उन्हें एहसास हुआ कि वह कहीं और पहुंच गए हैं. ऑटो से उतरने के बाद बच्चों ने आसपास के दुकानदारों से उस स्थान के बारे में पूछा, एक गिफ्ट सेंटर के दुकानदार ने उन्हें जानकारी देते हुए बताया कि वे बेड़ो में है.
आसपास के लोगों ने बेड़ो थाना में संपर्क कर उन्हें उनके हवाले किया. जिसके बाद बेड़ो थाना ने डोरंडा थाना को संपर्क कर बच्चों को उनके हवाले किया, जहां से बच्चों को उनके परिजनों के हवाले कर दिया गया.
इन बच्चों में तीन बच्चियां और दो बच्चे शामिल हैं. सभी बच्चे नाबालिग हैं और इनकी उम्र 10 से 12 के बीच बताई गई है. सभी बच्चे एक ही परिवार के बताए जा रहे हैं.

