सरकारी सिस्टम में व्याप्त घूसखोरी से जुड़ा मध्य प्रदेश के विदिशा जिले का एक दिलचस्प मामला इन दिनों सुर्खियां बना हुआ है। यहां एक गरीब किसान से नायब तहसीलदार ने छोटे से काम के लिए 25000 रुपए घूस की डिमांड रख दी। किसान के पास इतने पैसे नहीं थे, इसलिए वह नायब तहसीलदार की डिमांड पूरी नहीं कर पा रहा था, बिना घूस लिए अधिकारी भी काम करने को तैयार नहीं था, किसान रोज तहसील आता लेकिन उसका काम न होता, किसान परेशान हो गया।
पथरिया गांव का किसान भूपत रघुवंशी जब तहसील आया तो अपनी एक भैंस भी लेते आया और तहसील परिसर में खड़ी नायब तहसीलदार की कार से भैंस को बांध दिया। यह नजारा देख तहसील में भीड़ जमा हो गयी। लोग किसान की अजीब हरकत का मतलब नहीं समझ पा रहे थे। मीडियाकर्मियों के जुटने पर किसान ने बताया कि पैतृक संपत्ति लेकर उसका विवाद चल रहा है। वह चाहता है कि पिता के जिंदा रहते संपत्ति का बंटवारा हो जाए। जिसके लिए वह पिछले 7 महीने से तहसील के चक्कर लगा रहा है। नायब तहसीलदार किसान का काम करने के लिए 25000 की घूस मांग रहे हैं। किसान ने बताया कि मेरे पास इतने पैसे नहीं थे, इसलिए मैंने नायब तहसीलदार को अपनी भैंस दे दी।
भूपत रघुवंशी के इन आरोपों को आरोपी नायब तहसीलदार झूठ करार दिया है। काफी समझाने के बाद किसान अपनी भैंस साथ ले जाने पर राजी हुआ। उसने एक प्रार्थना पत्र लिखकर जिलाधिकारी व मुख्यमंत्री को दिया है। किसान ने लिखा, मेरे पास नायब तहसीलदार की डिमांड पूरी करने के पैसे नहीं हैं, इसलिए वह मेरी भैंस को बेंचकर अपनी घूस ले लें। कार से बंधी भैंस का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। फिलहाल किसान भूपत रघुवंशी ने घूसखोर अधिकारी को मुन्नाभाई अंदाज में अच्छा सबक सिखाया है।

