रांची: केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत किए गए ऐलान से कोल इंडिया लिमिटेड में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 50 हजार करोड़ रुपये के निवेश का फैसला लिया गया है.
इस फैसले से कोल इंडिया को वित्तीय वर्ष 2023-24 तक अपने 1 बिलियन टन कोयला उत्पादन लक्ष्य को पूरा करने की राह आसान होगी. कोल इंडिया के लिए यह एक बड़ा अवसर है, जब कंपनी नई खदानें खोलते हुए अधिक से अधिक कोयला उत्पादन कर देश में हो रहे कोयले के आयात की भरपाई कर सकती है. उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में कोल इंडिया अपने उत्पादन से सालाना 100 मिलियन टन कोयले के आयात की भरपाई करेगी.
जोशी ने एक बार फिर जोर देकर कहा कि सरकार का कोल इंडिया के निजीकरण का कोई इरादा नहीं है. सरकार कोल इंडिया को मजबूत कर रही है और इसे आगे भी और मजबूत करेगी. उन्होंने कहा कि कंपनी के पास पर्याप्त कोयला भंडार है. यह देश में 100 वर्षों से अधिक तक बिजली बनाने के लिए पर्याप्त है. हाल ही में सरकार ने कोल इंडिया को 16 नए कोयला ब्लॉक भी दिए हैं. कोल इंडिया परिवार को आश्वस्त करते हुए जोशी ने कहा कि सरकार को कोल इंडिया पर गर्व है. आने वाले समय में इसे और मजबूत किया जाएगा.

